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फ्लाई ओवर निर्माण में आ रही बाधा को लेकर कलेक्टर से मिले सीई

ठेका फर्म के सुपरविजन अफसर व इंजीनियरों को उन्होंने कार्य की गति बढ़ाने के निर्देश दिए।

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फ्लाई ओवर निर्माण में आ रही बाधा को लेकर कलेक्टर से मिले सीई

बिलासपुर. नगरीय प्रशासन विभाग के इंजीनियर इन चीफ एसके जैन ने बुधवार को महाराणा प्रताप चौक पर निर्माणधीन फ्लाईओव्हर का निरीक्षण किया। उन्होंने 66 करोड़ की लागत से प्रसतावित 1620 मीटर लंबे फ्लाईओवहर के निर्माण में आ रही बाधाओं को दूर करने कलेक्टर से चर्चा की। नगरीय प्रशासन विभाग के चीफ इंजीनियर एसके जैन ने बुधवार को यहां तिफरा के पास निर्माणाधीन फ्लाई ओव्हर के निर्माण कार्य का जायजा लेने पहुंचे। ठेका फर्म के सुपरविजन अफसर व इंजीनियरों को उन्होंने कार्य की गति बढ़ाने के निर्देश दिए। जब सुपरविजन अफसर और इंजीनियरों ने विद्युत लाइन और खंभों को लेकर कार्य में आ रही बाधा को लेकर शिकायत की वे अफसरों को लेकर सीधे कलेक्टर के पास पहुंचे। एक घंटे तक चर्चा चली, जिसके बाद कलेक्टर ने 1 अगस्त के बाद नगर विद्युत संभाग और सीएसआईडीसी के अफसरों के साथ संयुक्त बैठक कर समस्त बाधाओं को दूर करने का आश्वासन दिया।
चंडीगढ़ की फर्म करा रही निर्माण : 66 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन इस फ्लाईओव्हर का कार्य चंडीगढ़ पंचकूला के ब्रम्हपुत्र बीके जी एसोसिएट्स द्वारा कराया जा रहा है। इस फर्म को मई 2019 तक कार्य पूर्ण करने निर्देश दिए गए है।
ये काम होने हैं: 1620 मीटर लंबा यह फ्लाईओवर 36 खंभों पर खड़ा होगा। किसी में 4 तो किसी में 6 पाइल के हिसाब से 156 पाइल कराना है। अभी तक 86 पाइल किए जा चुके हैं । इसके साथ ही 14 खंभे भी खड़े कर दिए गए हैं। कहीं बिजली के लाइन तो कहीं खंभे आने तो कहीं सीएसआईडी के स्ट्रक्चर के कारण काम आगे नहीं बढ़ पा रहा है। अब खंभों के लिए 70 जगह और पाइलिंग का कार्य शेष है।

निर्माण कार्य प्रगति पर : फ्लाई ओव्हर के निर्माण का कार्य प्रगति पर है। मौके का जायजा लेकर जानकारी ली गई कि क्या दिक्कत आ रही है। ठेका फर्म के सुपरविजन अफसर द्वारा बताया गया कि बिजली के लाइन और खंभों के कारण काम में बाधा आ रही है। इस संबंध में कलेक्टर से भेंटकर चर्चा की गई। उन्होंने 1 अगस्त के बाद नगर विद्युत संभाग, सीएसआईडीसी और अन्य विभागों के साथ बैठक कर समस्या का समाधान कराने आश्वासन दिया है।
एसके जैन, चीफ इंजीनियर नगरीय प्रशासन विभाग