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रिश्तेदार के घर हुई मुलाकात, कहा- अधिकारियों से है मेरी सेटिंग, लगवा दूंगा सरकारी नौकरी, फिर जो हुआ, पहुंच गया थाना

Chhattishgarh Crime News : सरकारी नौकरी लगाने के नाम पर युवक से ढाई लाख की धोखाधड़ी हो गई। रुपए देने के बाद न नौकरी मिली और न ही आरोपियों ने रुपए वापस किए।

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रिश्तेदार के घर हुई मुलाकात, कहा- अधिकारियों से है मेरी सेटिंग, लगवा दूंगा सरकारी नौकरी, फिर जो हुआ, पहुंच गया थाना

रिश्तेदार के घर हुई मुलाकात, कहा- अधिकारियों से है मेरी सेटिंग, लगवा दूंगा सरकारी नौकरी, फिर जो हुआ, पहुंच गया थाना

बिलासपुर. सरकारी नौकरी लगाने के नाम पर युवक से ढाई लाख की धोखाधड़ी हो गई। रुपए देने के बाद न नौकरी मिली और न ही आरोपियों ने रुपए वापस किए। ठगी का शिकार पीड़ित ने चकरभाठा थाने में शिकायत दर्ज कराई है।

पुलिस के अनुसार अमसेना निवासी रूद्र कुमार पिता विजय कौशिक (23) ने सरकारी नौकरी के नाम पर धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई है। पीड़ित रूद्र कुमार ने अपनी शिकायत में बताया कि बुआ के घर में उसकी मुलाकात रायपुर निवासी ललीत केशरवानी पिता मिठाई लाल व डॉ. चंद्र प्रकाश प्रधान संचालक रूलर हेल्थ स्कील डेवल्पमेंट इंस्टीट्यूट कोरबा से हुई।

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बुआ के घर पर हुई थी मुलाकात

दोनों बुआ के लड़के हरिश कुमार वर्मा को एफसीआई. में सुपरवाईजर (ग्रेड-सी) के पद पर नौकरी दिलाने की बात कर रहे थे। इस दौरान दोनों ने फारेस्ट विभाग में गार्ड की नौकरी के लिए पोस्ट निकलने की बात कही। उसने बताया कि उच्च अधिकारियों से पहचान है। वह ढाई लाख रुपए में नौकरी लगवा सकता है।

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झांसे में आकर पीड़ित रूद्र कुमार कौशिक ने ललित केशरवानी, अभिरूप मण्डल, डा. चन्द्रप्रकाश प्रधान व ललित केशरवानी की पत्नी रजनी केशरवानी के खाते में बारी बारी कर 2 लाख 50 हजार रुपए डाल दिए।

मेडिकल व सारे दस्तावेज बनाकर जमा करने आरोपियों ने रायुपर बुलाया और जनवरी 2019 में ज्वाइनिंग होने का झांसा दिया। आरोपियों ने कोविड का बहाना व अन्य बहाने बना कर टाल मोटल करना शुरू कर दिया।