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आरक्षण को लेकर हाईकोर्ट से आई बड़ी खबर, राज्य सरकार को झटका देते हुए हाईकोर्ट ने 82 प्रतिशत आरक्षण पर लगा दी रोक

Reservation in Chhattisgarh: बिलासपुर हाईकोर्ट में दायर याचिकाओं के बाद 1 अक्टूबर को सीजे रामचंद्र मेनन व पार्थ प्रीतम की डिवीजन बेंच ने फैसले को सुरक्षित रख लिया था।

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आरक्षण को लेकर हाईकोर्ट से आई बड़ी खबर, राज्य सरकार को झटका देते हुए हाईकोर्ट ने 82 प्रतिशत आरक्षण पर लगा दी रोक

आरक्षण को लेकर हाईकोर्ट से आई बड़ी खबर, राज्य सरकार को झटका देते हुए हाईकोर्ट ने 82 प्रतिशत आरक्षण पर लगा दी रोक

बिलासपुर. आरक्षण को लेकर दायर विभिन्न याचिकाओं पर फैसला सुरक्षित रख लिए जाने के बाद अब शुक्रवार को बिलासपुर हाईकोर्ट से बड़ी ाखबर सामने आई है। हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार को तगड़ा झटका देेते हुए राज्य सरकार के 82 प्रतिशत आरक्षण मामले पर रोक लगा दी है। गौरतबल है कि विभिन्न लोगों की ओर से बिलासपुर हाईकोर्ट में दायर याचिकाओं के बाद 1 अक्टूबर को सीजे रामचंद्र मेनन व पार्थ प्रीतम की डिवीजन बेंच ने फैसले को सुरक्षित रख लिया था। सुरक्षित फैसले पर शुक्रवार को स्टे का फैसला लिया गया। आगामी आदेश तक रोक लगाई गई है। उल्लेखनीय है कि आरक्षण को प्रदेश छत्तीसगढ़ में कई संगठनों द्वारा विरोध प्रदर्शन किया गया था और हाईकोर्ट में याचिकाएं दायर की गईं थीं।

याचिकाकर्ताओं ने कहा था कि 50 प्रतिशत से अधिक न हो आरक्षण
छत्तीसगढ़ के पिछड़ा वर्ग आरक्षण का दायरा 27 प्रतिशत किए जाने के मसले के खिलाफ दायर याचिका पर हाईकोर्ट ने स्टे दे दिया है। चीफ जस्टिस पी आर रामचंद्र मेनन और जस्टिस पी पी साहू की संयुक्त बैंच ने इस मसले पर दायर याचिका की सुनवाई की। सामाजिक कार्यकर्ता कुणाल शुक्ला और उनके सहयोगियों के द्वारा दायर याचिका में तर्क दिया गया था कि, इंदिरा साहनी प्रकरण में यह व्यवस्था दी गई थी कि, किसी भी सूरत में आरक्षण पचास प्रतिशत से अधिक नही हो सकता।