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VIDEO STORY : रतनपुर के गज किले में विराजित महाप्रभु जगन्नाथ आए थे पुरी, पूजा के लिए साथ आए थे पुजारी, आज पूर्वजों की पीढ़ी करती है पूजा

कल्चुरी वंश का अधिक प्रभाव था और भोसले शासकों ने भी एक हिस्से पर राज किया।

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VIDEO STORY : रतनपुर के गज किले में विराजित महाप्रभु जगन्नाथ आए थे पुरी, पूजा के लिए साथ आए थे पुजारी, आज पूर्वजों की पीढ़ी करती है पूजा

बिलासपुर. रतनपुर के ऐतिहासिक गज किला में राजा-रानी दिन की शुरुआत पूजा-अर्चना के बाद राजकाज के काम शुरू करते थे। इसलिए महल में बागों से घिरे स्नानागार में नहाने के बाद सबसे पहले महाप्रभु जगन्नाथ की पूजा करते थे। खास बात यह है कि इस मंदिर की मूर्तियां पुरी से लायी गयी थीं और पूजा के लिए वहीं से पुजारी थी आए थे। आज इस परिवार की पीढ़ी यहां पूजा-अर्चना करती है। पत्रिका के अनछुए पहलू में इस बार रतनपुर के गज किला परिसर में स्थित महाप्रभु जगन्नाथ मंदिर की विशेषताओं पर रोशनी डाली गयी है। अंग्रेजों के आने के पहले रतनपुर में अलग-अलग शासकों ने राज किया। इनमें आपसी लड़ाइयां भी हुईं। इनमें गोंड वंश,कल्चुरी वंश सबसे अहम माने जाते हंै। जब देश आजाद हुआ और छोटी-बड़ी सभी रियासतें देश का हिस्सा बनीं। इनमें रतनपुर की रियासत भी एक थी। कल्चुरी वंश का अधिक प्रभाव था और भोसले शासकों ने भी एक हिस्से पर राज किया।