
बिलासपुर . बिल्हा के पास ग्राम सरवानी में सामाजिक वानिकी विभाग द्वारा 450 एकड़ जमीन में 15 साल पहले खम्हार, शिशु, सहित विभिन्न प्रजातियों का पेड़ लगाए गए थे। इनमें खम्हार 450 के पेड़ों को ग्रामीणों ने काटकर आपस में बांट लिया। कलेक्टर के आदेश पर बिल्हा एसडीएम वीरेंद्र लकड़ा, वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने शनिवार को सुबह 9 बजे गांव में दबिश देकर 18 घरों से 7 टे्रक्टर लकड़ी जब्त की। यह कार्रवाई रात तक चलती रही। ग्रामीणों से पूछताछ की जा रही है। इसे लेकर कलेक्टर पी. दयानंद को शिकायत मिली थी। बताया गया था, कि बिल्हा के ग्राम सरवानी में पेड़ों की अवैध कटाई की जा रही है। कलेक्टर ने बिल्हा एसडीएम वीरेंद्र लकड़ा व डीएफओ एसएस कंवर को कार्रवाई करने के निर्देश दिए। शनिवार सुबह 9 बजे राजस्व और वन विभाग सरवानी के जंगल पहुंचे। जब कार्रवाई शुरू की गई तो ग्रामीणों ने विरोध किया, लेकिन पुलिस बल, जिला प्रशासन और वन विभाग के अफसरों की मौजूदगी में कार्रवाई जारी रही। संयुक्त टीम ने ग्रामीणों के घरों से लकडिय़ां जब्त कीं। लकडिय़ां जब्त करने के लिए वन विभाग के 25 कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई थी। डीएफओ उडऩदस्ता प्रभारी जितेन्द्र साहू ने बताया, जब्ती की कार्रवाई रात तक चल रही है। गांव के एक घर बाड़ी सहित अन्य स्थानों पर जांच की जा रही है।
2003- 04 रोपे गए थे पौधे, बन चुके पेड़: सामाजिक वानिकी विभाग ने वर्ष 2003- 04 में 450 हेक्टेयर में नदी तट रोपण के नाम से पौधरोपण किया था। तीन साल देखरेख करने के बाद इसे पंचायत को हैंडओवर कर दिया गया। इसके बाद से लगातार अवैध कटाई हो रही थी।
पंचायत की भूमिका संदिग्ध: जिस तरह भारी मात्रा में इमारती लकडिय़ां जब्त हुई हैं, उससे पंचायत की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है। वजह ये कि जंगल के अवैध कटाई के समय पंचायत मूकदर्शक बनी रही। इस मामले में वन विभाग स्टाफ की मिली भगत का मामला भी सामने आ रहा है।
सरवानी में भारी मात्रा में लकडिय़ां जब्त की गईं हैं। विभाग ने पौधरोपण कर राजस्व विभाग को कर दिया था।
-एसएस कंवर, डीएफओ बिलासपुर वन मंडल
Published on:
15 Apr 2018 12:50 pm
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