
अस्थि विसर्जन कार्यक्रम पर प्रश्न, कर्मकांडी बोले-त्रिवेणी में विसर्जन करना ही सर्वश्रेष्ठ
बिलासपुर. भारतीय जनता पार्टी द्वारा भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की अस्थियों का विसर्जन देश भर में किया जा रहा है। हिंदू श्मशान विधि के मुताबिक अस्थियों को मृत्यु के 10 वें दिन तक त्रिवेणी संगम में विसर्जन करना सर्वश्रेष्ठ माना गया है। अधिवक्ता पंडित विजय मिश्र के मुताबिक, मृत्यु के चौथे दिन चतुर्थी को श्मशान में क्रिया करके अस्थि संचय किया जाता है। मृत्यु के दसवें दिन दशगात्र कर्म किया जाता है। शास्त्रानुसार मृतक की अस्थियों को त्रिवेणी संगम में विसर्जित करने का प्रावधान है। ऐसी मान्यता है कि त्रिवेणी संगम में अस्थियां विसर्जित करने से मृतक की मोक्ष की प्राप्ति होती है। यमुना यम की बहन है, जो मृतात्मा को नर्क में जाने से बचाती है। गंगा बैकुंठवासी है जो मृतात्मा को बैकुंठधाम ले जाती है। वहीं मां सरस्वती पाप हरणी हैं, जो पापों का शमन करती हैं। इसलिए मृतक की अस्थियां त्रिवेणी संगम में ही प्रवाहित की जानी चाहिए। जबकि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की अस्थियों को हरिद्वार में विसर्जित करने के बाद देश भर में अस्थि कलश निकालकर पवित्र नदियों में विसर्जित करने का कार्यक्रम तय किया गया है।
भारत रत्न का अस्थि कलश आज पहुंचेगा शहर : भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की अस्थि कलश यात्रा बुधवार को राजधानी से यहां बिलासपुर पहुंचेगी। राजमार्ग पर जगह-जगह आयोजित कार्यक्रम में भाजपा के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और आमजन श्रद्धासुमन अर्पित करेंगे। गुरुवार को भाजपा कार्यालय में अंतिम दर्शन के बाद शहर में कलश यात्रा का आयोजन किया जाएगा और पचरीघाट विसर्जन स्थल पर सर्वदलीय श्रद्धांजलि सभा के बाद अस्थि कलश को अरपा मैया में विसर्जित किया जाएगा। भाजपा जिलाध्यक्ष ने बताया कि बुधवार को भाजपा प्रदेशाध्यक्ष धरमलाल कौशिक अस्थि कलश प्रदेश कार्यालय एकात्म परिसर में नगरीय प्रशासन मंत्री अमर अग्रवाल को सौपेंगे। इसे बिलासपुर लाया जाएगा। बिल्हा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम बैतलपुर, सरगांव, बिल्हा मोड़ नयापारा मोड़ परसदा, सिरगिट्टी मोड़ व तिफरा में आमजनों व भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा श्रद्धासुमन अर्पित किया जाएगा। बुधवार को शाम 6 बजे अस्थि कलश भाजपा कार्यालय पहुंचेगी। गुरुवार सुबह 10 से 11 बजे तक भाजपा कार्यालय में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया जाएगा। सुबह 11 बजेे भाजपा कार्यालय करबला रोड से अस्थि कलश यात्रा निकाली जाएगी। पचरीघाट विसर्जन स्थल स्थल पर सर्वदलीय शोक सभा का आयोजन किया गया है। शोकसभा एवं श्रद्धांजलि के बाद अस्थि कलश अरपा नदी में विसर्जित की जाएगी।
जन-जन के नेता थे वाजपेयी, इसलिए पवित्र नदियों में विसर्जन- धरम : प्रदेश भाजपाध्यक्ष धरमलाल कौशिक का कहना है कि कोई तय शेड्यूल नहीं है। पूर्व प्रधानमंत्री की अस्थियां हिंदू रीति रिवाज के मुताबिक हरिद्वार में विसर्जित की गई हैं। चूंकि वे जनजन के नेता थे, इसलिए जनभावना का आदर करते हुए पार्टी ने सभी जिलों में उनकी कलश यात्रा को दर्शनार्थ रखने और फिर पवित्र नदियों में विसर्जित करने का कार्यक्रम तय किया है। वे मंगलवार को अस्थिकलश लेने के लिए दिल्ली रवाना हो रहे हैं। बुधवार को रायपुर पुराने भाजपा कार्यालय में सभी जिलों के पदाधिकारियों को अस्थि कलश सौपेंगे, ताकि वे 23- 24 अगस्त तक जनप्रिय नेता की अस्थि कलश का दर्शन वहां की जनता को कराकर उसका विसर्जन पवित्र नदियों में करा सकें।
इंदिरा, नेहरू की इच्छा से हुआ विसर्जन- ओत्तलवार : इधर वरिष्ठ कांग्रेस नेता अधिवक्ता विश्वास चिंतामन ओत्तलवार का कहना है कि चूंकि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी कि इच्छा थी कि उनकी अस्थियां त्रिवेणी संगम में प्रवाहित करने के बाद राख फूल का छिड़काव पूरे देश भर में किया जाए, इसलिए उनके राख फूल को हेलीकाफ्टर से देश भर में छिड़कवाया गया था। पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू, स्वर्गीय राजीव गांधी व कांग्रेस नेता संजय गांधी की अस्थियां त्रिवेणी में ही विसर्जित की गई थीं। उनके समय ऐसा नहीं हुआ था।
Published on:
22 Aug 2018 03:26 pm
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