बिलासपुर। सड़कों पर आवारा पशुओं के विचरण से लगातार हादसों को लेकर दायर जनहित याचिका पर गुरुवार को सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच ने राज्य के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कमेटी बनाने के निर्देश दिए। इसमें केंद्र और एनएचएआई के अधिकारी भी शामिल रहेंगे। यह कमेटी इस समस्या के समाधान के लिए कार्रवाई करने के बाद इस संबन्ध में एक सप्ताह में रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। इस रिपोर्ट पर 4 सितंबर को सुनवाई की जाएगी।
सुनवाई में एनएचएआई के वकील धीरज वानखेड़े ने राजमार्ग संबन्धी कई रूल्स और एक्ट डिवीजन बेंच में प्रस्तुत किए और बताया कि कई सालों से यह बने हुए हैं। कोर्ट ने कहा कि,इन कानूनों को अब तक लागू नहीं किया गया है। राज्य शासन के वकील ने हाईकोर्ट के पूछने पर बताया कि,आवारा मवेशियों को नगर निगम पकड़ रहा है। डीबी ने कहा कि, पीआईएल लगाने के बाद आप लोग यह सब कर रहे हैं। इसके बाद कोर्ट ने मुख्य सचिव और डायरेक्टर एनएचएआई से विमर्श कर कमेटी बनाने कहा। इसके तहत क्या काम किए जाएंगे, कौन कौन क्या जवाबदारी लेंगे यह सब विस्तार से कमेटी की रिपोर्ट में बताने के निर्देश कोर्ट ने दिए।
यह है मामला
राजेश चिकारा व संजय रजक की जनहित याचिका पर कोर्ट में सुनवाई चल रही है।इसमे मुख्य मार्गों और शहर की आम सड़कों पर पशुओं को खुला छोड़ने से हो रही दुर्घटनाओं की जानकारी देते हुए कार्रवाई की मांग की गई है। पिछली सुनवाई में कोर्ट ने अब तक की कार्रवाई और आगे की कार्य योजना और सुझाव की जानकारी देने कहा था।