
अगर आपके फ़ोन में भी है ये एप तो तुरंत हटा दें, केंद्र सरकार ने जारी किया पत्र, बैंक खाते समेत अन्य दस्तावेज को खतरा
0 भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने सभी विभागों को वेबसाइट से कैम स्कैनर हटाने के लिए कहा
0 जिले में डीआईओ ने कलेक्टर समेत प्रमुख अधिकारियों और कैम स्कैनर का उपयोग करने वालों को अवगत कराया
0 बैंक खाता समेत दस्तावेजों को हैक किया जा रहा
बिलासपुर. (CamScanner News) कम्प्यूटर और एंड्रायड मोबाइल फोन पर दस्तावेजों को स्कैन करने और स्पष्ट पढऩे में दस्तावेज आ सकें। इसके लिए अधिकांश लोगों द्वारा एंड्रायड फोन पर पीडीएफ फाइलों को पढऩे और भेजने के लिए उपयोग किया जा रहा है। लेकिन इस ऐप के माध्यम से संबंधित व्यक्ति के बैंक खाते से लेकर उनके सभी दस्तावेज जिसे वे स्कैन कर फोन पर रखे हैं, वे लीक हो रहे हैं। कैम स्कैनर से दस्तावेजों और लोगों के बैंक खाता के लीक होने पर केंद्र सरकार ने इस एप को तुरंत अनस्टॉल करने के लिए वेबसाइट पर सूचना जारी करना पड़ा। इसके साथ ही इस कैम स्कैनर एप का उपयोग नहीं करने के लिए कहा गया है। कम्प्यूटर, एंड्रायड मोबाइल फोन पर अधिकांश लोग कैम स्कैनर एप डाउनलोड कर रखे हंै। इसके उपयोग से दस्तावेजों को स्कैनर करने में सहूलियतें होती हैं। इसके साथ ही इससे स्कैन किए गए दस्तावेज साफ-सुथरे दिखते हैं। इसलिए सरकारी दफ्तरों और व्यक्तिगत मोबाइल एप के माध्यम से कैम स्केन एप का सबसे अधिक उपयोग कर रहे हैं।
अटेकर सर्वर बना
कैम स्केन एप में सबसे निम्न स्तर के साफ्टवेयर का इस्तेमाल किया जा रहा है। यह सॉफ्टवेयर मलेशिया का सॉफ्टवेयर है। इसे मालवेयर के नाम कम्प्यूटर की दुनिया में जाना जाता है। मालवेयर का उपयोग करके किसी भी कम्प्यूटर के एप , एंड्रायड मोबाइल के एप को हैक करके इसमें रखें गए दस्तावेज को चोरी कर रहे हैं। कैम स्कैनर में मालवेयर सॉफ्टवेयर का अधिक उपयोग करके बैंक खाता और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों को चोरी करने के लिए सबसे अधिक उपयोग किया जा रहा है। साथ मालवेयर के माध्यम से लोगों के कम्प्यूटर व मोबाइल में ट्रांजन वायरस को प्रवेश कराया जा रहा है।
केंद्र सरकार ने जारी किया गाइडलाइन
केंद्र सरकार ने अटेकर सर्वर से ट्राजन वायरस और हैक करने वाले एप कैम स्कैनर को तुरंत हटाने के लिए गाइड लाइन जारी किया। भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिककी मंत्रालय के वेबसाइट पर इस वायरस और कैम स्कैनर के बारे में विस्तार से गाइड लाइन जारी किया है। इसके साथ ही राज्यों को इस एप को तुरंत हटाने के लिए कहा गया है ताकि बैंक खाते और महत्वपूर्ण दस्तावेजों की चोरी रुक सके।
कलेक्टर समेत अफसरों को अवगत कराया गया
जिला सूचना एवं प्रौद्योगिकी के अधिकारी अरविंद यादव ने कलेक्टर डॉ. संजय अलंग समेत अन्य अधिकारियों को केंद्र सरकार की गाइड लाइन से अवगत कराया गया है। साथ ही उन विभागों को सूचना दी गई जहां कम्प्यूटर के माध्यम से सर्वाधिक कार्य किए जा रहे हंै।
वायरस फैलाने का नया धंधा
कम्प्यूटर और एंड्रायड मोबाइलों में इन दिनों सबसे अधिक वायरस की समस्या बनी रहती है। एक बार कम्प्यूटर और मोबाइल में वायरस प्रवेश करने के बाद कई अवसरों पर कम्प्यूटर सिस्टम और मोबाइल हैंडसेट पूरी तरह खराब हो जाते हैं। इसीलिए कम्प्यूटर व मोबाइल के लिए इन दिनों बाजार में एंटी वायरस व एंटी वायरस सिस्टम की भरमार हो गई है। इस तरह से वायरस फैलाने का एक सुनियोजित व्यवसाय शुरू हो गया है।
गाइडलाइन से अवगत कराएं
भारत सरकार के कैम स्कैनर को लेकर जारी गाइड लाइन को जिले के आला अधिकारियों को अवगत कराया गया है। इसके साथ ही इस एप के इस्तेमाल से नुकसान बताएं गए हैं।
अरविंद यादव, टेक्नीकल डायरेक्टर, डीआईसी, बिलासपुर
Published on:
24 Sept 2019 05:53 pm
बड़ी खबरें
View Allबिलासपुर
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
