
भक्तों को देखते हुए महाप्रभु ने लिया भजन का आनंद, आज लौटेंगे श्री मंदिर
बिलासपुर. महाप्रभु जगन्नाथ का मौसी के घर भ्रमण के लिए आए हुए हैं। शनिवार को मौसी के घर प्रभु जगन्नाथ की यात्रा का अंतिम दिन रहा। भक्तों ने महाप्रभु के लिए भजन संध्या का आयोजन करते हुए प्रभु की आराधना की। प्रभु भी भजनों को सुनकर आनंदित हुए और उत्साह से भक्तों को देखते रहे। इस दौरान मौसी मां मंदिर परिसर में भक्त महाप्रभु जगन्नाथ का जयघोष करते हुए भक्ति में लीन हुए। देर रात तक महाप्रभु के गुणों का बखान भक्तों ने करते हुए सुख-समृद्धि के लिए आशीर्वाद मांगा।
रेलवे क्षेत्र स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर में रथयात्रा उत्सव चल रहा है। श्री जगन्नाथ मंदिर सेवा समिति का भव्य आयोजन है। महाप्रभु जगन्नाथ रथयात्रा के माध्यम से मौसी गुंडिचा के घर पहुंचे हैं, जहां मौसी मां अपने लाडले जगन्नाथ का खूब सत्कार करते हुए लाड कर रही हैं। मंदिर समिति के उपाध्यक्ष केके बेहरा ने बताया कि मौसी के घर महाप्रभु का शनिवार को अंतिम दिन है अब रविवार को मौसी मंदिर से विदा लेकर श्री मंदिर के लिए रवाना होंगे। महाप्रभु सात दिनों तक मौसी के घर विश्राम कर खातिरदारी का आनंद ले रहे हैं। शनिवार की शाम साईं भजन मंडली व जगन्नाथ भजन मंडली की ओर से महाप्रभु के लिए भजन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें महाप्रभु के गुणों का बखान किया गया, जिसे सुनकर प्रभु आनंदित हुए साथ ही भक्तों ने महाप्रभु को प्रसन्न करने उनकी पसंदीदा वस्तुओं को पूजन के दौरान अर्पित किया। पुजारी गोंविद प्रसाद पाढ़ी ने मौसी के घर महाप्रभु की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करते हुए महाआरती कराई। इस अवसर पर मंदिर समिति के अध्यक्ष पीके सामंतराय, उपाध्यक्ष केके बेहरा, सचिव गजेन्द्र प्रसाद दास, सह सचिव एमके दास, एमके मोहंती, डी नायक, के पात्र, आरसी प्रधान, बीबी मोहंती, सीआर बाग, एसए मोहंती, एनसी जैना, सूर्यामनी बेहरा, एस बेहरा, रतीकांत पात्रा, आरके मोहंती, एके सरंगी, एसी बेहरा, एसके गोंडा, पीके पटनायक सहित बड़ी संख्या में मंदिर समिति के सदस्य उपस्थित थे।
आज निकाली जाएगी बाहुड़ा यात्रा
महाप्रभु जगन्नाथ रविवार को मौसी मंदिर से श्री मंदिर वापस लौटेंगे। वैदिक विधियों से पूजा-अर्चना करते हुए महाप्रभु को विदा किया जाएगा। दोपहर 1.30 बजे महाप्रभु जगन्नाथ, बहन सुभ्रदा व भाई बलभद्र को रथ में बैठाकर शहर भ्रमण कराया जाएगा। छेरा पेहरा की रस्म मंत्री अमर अग्रवाल करेंगे। भक्त वापसी में भी रथ की रस्सी खींचते हुए महाप्रभु को श्रीमंदिर तक पहुंचाएंगे।
भावुक हुए महाप्रभु व मौसी गुंडिचा
ऐसी मान्यता है कि महाप्रभु जगन्नाथ हर साल एक बार मौसी गुंडिचा के घर भ्रमण के लिए आते हैं और यह यात्रा पूरे 9 दिन की होती है, जिसमें सात दिन विश्राम व दो दिन यात्रा की होती है। एक दिन आने व एक दिन जाने में लगता है। ऐसे में सात दिनों तक मौसी के सेवा सत्कार व लाड-प्यार से महाप्रभु खूब आनंदित हुए और अब जब श्री मंदिर लौटने का समय आया तो वे भावुक हो रहे हैं। मौसी भी लाडले के जाने की बात सोचकर भावुक हो गई।
काकरा पि_ा व पोड़ो पि_ा ग्रहण किया प्रभु ने
मौसी गुंडिचा ने लाडले के लिए काकरा पि_ा व पोड़ो पि_ा बनाया। जिसे महाप्रभु ने बड़े चाव से ग्रहण किया। इसके अलावा मिठाई व
अन्य तरह के पकवान अर्पित किए गए।
Published on:
22 Jul 2018 07:21 pm
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