
कोनी में कई एकड़ सरकारी जमीन, दैहानपारा में दो एकड़ जमीन, यहां भी बनाया जा सकता है व्यवस्थित बाजार
कोनी मुख्य मार्ग के किनारे 80 से अधिक दुकानों को निगम ने तोडफ़ोड़ करने में कोई कसर नहीं छोड़ी, लेकिन इस क्षेत्र में रहने वालों के लिए निगम ने व्यवस्थित बाजार बनाने का भी प्रयास नहीं किया। कोनी क्षेत्र के नगर निगम में शामिल हुए 4 वर्ष हो चुके हैं। इन 4 वर्षों में निगम ने सिर्फ स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था ही की है। यहां के शैक्षणिक संस्थानों में पढऩे और पढ़ाने वालों के साथ रहवासियों की संख्या 55 हजार के पार है। इन लोगों की दैनिक जरूरतों के सामान के लिए भटकना पड़ रहा है। हालात तो यह है कि यहां रहने वालों को हरी सब्जियों के लिए 5 किलो मीटर दूर सरकंडा सीपत चौक और बृहस्पति बाजार तक जाना पड़ रहा है।
दैहानपारा में हैं खाली जगह
छोटी कोनी स्थित दैहानपारा में नगर निगम की खसरा नंबर 394 में रकबा करीब 2 एकड़ से अधिक है। इस जमीन का वर्तमान में कोई उपयोग नहीं है। इस जमीन का उपयोग बाजार बसाने में किया जा सकता है।
कई एकड़ सरकारी जमीन खाली
खाली पड़ी सरकारी जमीन के मामले में नगर निगम सीमा क्षेत्र में कोनी सबसे टॉप पर है। राजस्व , शैक्षणिक संस्थानों समेत नगर निगम की के हक में कई एकड़ सरकारी जमीनें हैं, जिसका उपयोग फिलहाल नहीं हो रहा है। इन सरकारी जमीनों का उपयोग किया जाए तो यहां की समस्या का समाधान हो जाएगा।
पौनी पसारी योजना तक नहीं
राज्य शासन ने सडक़ पर व्यवसाय करने वालों के लिए व्यवस्थित बाजार उपलब्ध कराने पौनी पसारी योजना शरू की थी, इस योजना के तहत निगम सीमा क्षेत्र के कई क्षेत्रों में बाजार बनाए गए, लेकिन कोनी क्षेत्र में जरूरत होने के बाद भी यहां निर्माण करना तो दूर योजना तक नहीं बनाई गई।
कोनी में व्यवस्थित बाजार देने के लिए सरकारी जमीन है, लेकिन पौनी पसारी योजना के निगम सीमा क्षेत्र में सफल नहीं होने के कारण कोनी में निर्माण नहीं किया जा सका। प्रभावितों के विस्थापन के लिए सडक़ किनारे नाले के पीछे गुमटियां देने की योजना बनाई जा रही है।
शेख नजीरुद्दीन, अध्यक्ष , नगर निगम , बिलासपुर
Published on:
29 Jun 2023 09:41 pm
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