
पीजी के लिए सिम्स को कसौटी पर परखने आई एमसीआई की टीम
बिलासपुर. मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) की तीन सदस्यीय टीम पीजी की मान्यता को लेकर सिम्स को कसौटी पर परखने मंगलवार को यहां पहुंची। टीम के सदस्यों ने यहां निरीक्षण कर उपलब्ध संसाधनों और व्यवस्था जायजा लिया। एमसीआई की टीम सुबह 9 से शाम 5 तक सिम्स में रही। शाम 6 बजे के बाद टीम लौट गई। सिम्स प्रबंधन को अब टीम की रिपोर्ट का इंतजार है। वर्तमान में सिम्स के तीन विभागों में 6 पीजी सीटें हैं। एमसीआई के टीम के तीन सदस्य मंगलवार की सुबह 9 बजे सिम्स पहुंची। टीम के सदस्य डीन डॉ. पीके पात्रा और अस्पताल अधीक्षक डॉ. रमणेश मूर्ति से मिले। सवा 9 बजे सिम्स का निरीक्षण शुरू किया। तीनों सदस्यों में से एक ने महाविद्यालय के शैक्षणिक विभाग में अध्यापन व्यवस्था, गुणवत्ता देखी। साथ हीम्यूजियम, डेमोन्ट्रेशन रूम को देखा। दूसरे ने मेडिकल रिकार्ड, आईसीटी, मेडिकल वार्ड, केजुअलटी, ईएनटी, आई विभाग का निरीक्षण किया। तीसरे ने ओटी आर्थोपेडिक, सर्जिकल, स्त्री रोग सहित अन्य सिम्स में उपलब्ध उपकरण, आपरेशन, डिलवरी, इत्यादि का बारीकी से निरीक्षण किया। साथ ही हेड काउंटिंग, प्राध्यापकों की शैक्षणिक योग्यता अनुभव, रिसर्च इत्यादि के दस्तावेजों की जांच की गई। पीजी प्रारंभ करने के लिए यह महत्वपूर्ण निरीक्षण था। निरीक्षण के दौरान सिम्स के अस्पताल अधीक्षक डॉ. रमणेश मूर्ति, डॉ. भूपेन्द्र कश्यप सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
शैक्षणिक योग्यता दौड़ते भागते रहे डॉक्टर : टीम के सदस्यों ने दोपहर ढ़ाई बजे के बाद डॉक्टरों के शैक्षणिक योग्यता की फाइल मांगी। फाइलों की जांच लगभग डेढ़ घंटे तक की गई। डॉक्टरों को तलब कर उनसे पूछताछ की।
आनन फानन में की गई सफाई : एमसीआई की टीम कॉलेज बिल्डिंग का निरीक्षण कर रही थी, इस दौरान प्रबंधन ने अस्पताल बिल्डिंग में आनन फानन में सफाई करवाई। वार्डो के चादर तकिए बदले गए। टीम की पहुंचने की सूचना सिम्स प्रबंधन द्वारा बेहद गोपनीय रखी गई थी।
अभी पीजी की 6 सीटें : सिम्स में अभी पीजी की 6 सीटें हैं। इनमें एनाटामी में 3, कम्यूनिटी मेडिसीन में 1 और फारेंसिक में 2 सीटें हैं। जबकि रायपुर के मेकाहारा में पीजी की 132 सीटें हैं।
क्या कमी मिली, अभी हमें नहीं बताया : एमसीआई की तीन सदस्यीय टीम अचानक सिम्स का निरीक्षण करने पहुंची। निरीक्षण के दौरान उन्हें क्या कमियां मिलीं, इसकी जानकारी हमें नहीं दी गई है। उनके द्वारा बाद में रिपोर्ट भेजी जाती है।
डॉ. रमणेश मूर्ति, अस्पताल अधीक्षक सिम्स
Published on:
01 Aug 2018 01:10 pm
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