
बिलासपुर . मां के साथ आए दिन गाली-गलौज और मारपीट से गुस्साए बेटे ने अपने पिता को चाकू से गोदकर मौत के घाट उतार दिया। घटना के बाद खुद को बचाने के लिए रिश्तेदारों को झूठी कहानी बताई। कड़ाई से पूछताछ में आरोपी ने हत्या करना स्वीकार कर लिया। घटना रविवार रात कोनी थानांतर्गत ग्राम रमतला में हुई। आरोपी बेटे को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। एएसपी नीरज चन्द्राकर ने बताया कि ग्राम सेंदरी निवासी उत्तरा कुमार पिता दशरू राम सूर्यवंशी (40) रोजी-मजदूरी करता था। उसका विवाह 21 वर्ष पूर्व ग्राम रमतला निवासी शकुन सूर्यवंशी के साथ हुआ था। उनके 2 बेटे लखन सूर्यवंशी (20), विनय सूर्यवंशी (17) और एक बेटी अमृता सूर्यवंशी (10) है। 7 वर्ष पूर्व शकुन तीनों बच्चों के साथ ग्राम रमतला स्थित मायके में रहने लगी थी। उत्तरा कुमार अकेले ग्राम सेंदरी में परिवार के साथ रहता था, और बिलासपुर में मजदूरी करता था। काम से लौटते समय वह बच्चों से मिलने सप्ताह में 3 बार ग्राम रमतला जाता था। रविवार को उत्तरा कुमार ग्राम रमतला गया। सोमवार सुबह 8 बजे उत्तरा के छोटे भाई शारदा प्रसाद सूर्यवंशी ने थाने में सूचना दी, कि ग्राम रमतला में किसी ने उत्तरा की हत्या कर दी है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। मृतक उत्तरा की लाश शकुन के घर पर पड़ी थी। उसके सीने में चाकू के 3, पसली में 1 और गर्दन पर 1 बार वार करने के निशान थे। शव बरामद कर पुलिस ने जांच शुरू की।
सूचना देने पर हुआ संदेह, बेटे ने उगला राज - जांच में परिजनों ने पुलिस को बताया कि रविवार रात सभी सो रहे थे। रात 1 बजे घर के बाहर किसी के गिरने की आवाज सुनकर वे उठे। बाहर उत्तरा की लाश पड़ी थी। उन्होंने सूचना संजीवनी 108 को दी थी। संजीवनी कर्मी मौके पर पहुंचे, और बताया कि उत्तरा की मौत हो चुकी है। इसके बाद परिजन लगातार कोनी थाने के लैंड लाइन नंबर पर कॉल करते रहे, लेकिन फोन रिसीव नहीं किया। तब उन्होंने शव को घर के अंदर लाकर रख लिया। मृतक के बड़े बेटे लखन ने घटना की सूचना सेंदरी निवासी चाचा शारदा को दी। शारदा सूर्यवंशी रात 3 बजे ग्राम रमतला पहुंचे। परिजनों और लखन की कहानी व थाने में देर से सूचना देने की बात पुलिस के गले से नीचे नहीं उतर रही थी। लखन से कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने पिता की हत्या करना स्वीकार कर लिया।
मां से गाली गलौज व मारपीट करता था, नहीं मान रहा था इसलिए उतारा मौत के घाट - आरोपी ने पुलिस को बताया कि 7 साल से उनकी मां मजदूरी कर उसे और छोटे भाई विनय व बहन अमृता को पढ़ा रही है। मृतक उन्हें आर्थिक सहयोग नहीं करता था। वह पिछले कुछ वर्षों से शराब पीकर घर आता था और मां से गली गलौज व मारपीट करता था। शनिवार रात उसने मां से विवाद किया था। रविवार शाम से वह ग्राम रमतला आ गया था और मां से विवाद कर रहा था। रात 9-10 के बीच उसे ग्राम सेंदरी भेजने के लिए रमतला मोड़ तक दो बार छोडऩे गया था। तीसरी बार वह फिर से वापस आ गया और विवाद करने लगा था। आए दिन मारपीट और गाली गलौज से मुक्ति पाने चाकू से गोदकर पिता को मौत के घाट उतार दिया।
Published on:
09 Jan 2018 11:59 am
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