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मुफ्त नहीं है किसी भी बैंक की एटीएम सेवा, जानें क्यों कटते हैं पैसे

5 से अधिक बार एटीएम का उपयोग सोच-समझकर अनिवार्य हो तो ही करें, इसे मनोरंजन का साधन ना बनाएं।

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बिलासपुर . डिजिटाइजेशन के दौर में बैंकों की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। वो दिन हवा हुए जब बैंकों का इस्तेमाल रुपए निकालने, जमा करने और ड्राफ्ट बनाने जैसे सीमित कार्यों के लिए होता था। अब तो ये दिनचर्या में शामिल हो गई है। एटीएम का धड़ल्ले से उपयोग करने वाले ग्राहक जरा ध्यान दें, ये सेवा निशुल्क नहीं है। इसके बदले आपको एटीएम शुल्क के तौर पर सालाना सौ रुपए देने पड़ते हंै। इसके अलावा महीने में 5 से अधिक बार लेन-देन पर प्रति ट्रांजेक्शन शुल्क अलग से देना होता है। इसलिए एटीएम का उपयोग धड़ल्ले से करने से पहले इन खर्चों का थोड़़ा ध्यान रखें। एटीएम से लेन-देन करने वाले अधिकांश ग्राहक पास बुक एंट्री कराते समय बैंक द्वारा काटे गए शुल्क को लेकर अक्सर असमंजस में पड़ जाते हैं। आखिर किस सेवा के बदले बैंक ने शुल्क काट लिया। लेकिन राशि अधिक नहीं होने के कारण जानकारी लेने से ग्राहक अक्सर पीछे हट जाते हैं। अब जरा जान लें कि एटीएम से 5 से अधिक बार लेन-देन के लिए केवल शुल्क ही नहीं पड़ता, बल्कि कार्ड एक्टिवेशन चार्ज भी सालाना काटे जाते हैं।
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बैंकिंग सेक्टर में कुछ भी मुफ्त नहीं : बैंकिंग सेक्टर में कुछ भी मुफ्त नहीं है। एटीएम कार्ड शुल्क, 5 से अधिक बार पैसे निकालने पर हर बार 20 रुपए शुल्क, और अगर पास बुक प्रिंट कराने के लिए भी आप एटीएम का इस्तेमाल करते हैं तो इसे भी ट्रांजेक्शन माना जाएगा। साथ ही 20 से अधिक चेक जारी कराने पर 2 रुपए प्रति चेक शुल्क के रूप में वसूल की जाती है। एटीएम में बैलेंस की जानकारी भी 5 से अधिक बार देखेंगे तो 7 रुपए शुल्क के तौर पर खाते से कट जाएंगे। इसलिए 5 से अधिक बार एटीएम का उपयोग सोच-समझकर अनिवार्य हो तो ही करें, इसे मनोरंजन का साधन ना बनाएं।
लिया जाता है सालाना शुल्क : एटीएम कार्ड की सुविधा लेने पर प्रति ग्राहक सौ रुपए सालाना शुल्क लिया जाता है। साथ ही महीने में ५ से अधिक ट्रांजेक्शन पर भी शुल्क लगता है।
ललित अग्रवाल, वरिष्ठ प्रबंधक, दयालबंद, पीएनबी

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