
हाईकोर्ट (photo-patrika)
PIL security deposit increased: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने जनहित याचिका (PIL) दायर करने से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है। हाईकोर्ट रूल्स, 2007 में किए गए नवीन संशोधन के तहत अब प्रत्येक जनहित याचिका पर याचिकाकर्ता को 15,000 रुपये की सुरक्षा निधि जमा करनी होगी। इससे पहले यह राशि 5,000 रुपये निर्धारित थी।
बता दें कि छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट देश का इकलौता हाईकोर्ट है, जहां जनहित याचिका दायर करने पर सुरक्षा निधि जमा करने का प्रावधान पहले से लागू है। अब इस राशि में तीन गुना बढ़ोतरी कर दी गई है।
हाईकोर्ट द्वारा किए गए संशोधन के अनुसार, अब कोई भी व्यक्ति जनहित याचिका दाखिल करते समय 15,000 रुपये की सुरक्षा निधि जमा करेगा। यह नियम छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट रूल्स, 2007 के तहत लागू किया गया है। संशोधन का उद्देश्य न्यायालय में दाखिल होने वाली तुच्छ, निजी हित या दुर्भावनापूर्ण याचिकाओं पर रोक लगाना है।
जनहित याचिका में ली जाने वाली सुरक्षा निधि (Security Deposit) एक निर्धारित राशि होती है, जिसे याचिकाकर्ता को याचिका दायर करते समय जमा करना होता है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि याचिका वास्तविक जनहित से जुड़ी हो और उसका दुरुपयोग न किया जाए। यह राशि कोर्ट फीस से अलग होती है। आमतौर पर कोर्ट फीस लगभग ₹50 प्रति प्रतिवादी (Respondent) होती है, जबकि सुरक्षा निधि अतिरिक्त रूप से जमा कराई जाती है। यह व्यवस्था हर राज्य के हाईकोर्ट में अलग-अलग नियमों के तहत लागू होती है।
इस संशोधन के बाद जनहित याचिका दायर करने वाले याचिकाकर्ताओं पर पहले से अधिक आर्थिक भार पड़ेगा। हालांकि, विशेष परिस्थितियों में न्यायालय को सुरक्षा निधि में रियायत या छूट देने का अधिकार भी प्राप्त है।
Published on:
02 Jan 2026 05:32 pm
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