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Chaitanya Baghel Bail: भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को बड़ी राहत, हाईकोर्ट से मिली जमानत

Chaitanya Baghel Bail: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है।
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रायपुर

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Laxmi Vishwakarma

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Updated: 2 Jan 2026, 4:57 PM IST

याचिका पर अगले हफ्ते सुनवाई (photo source- Patrika)

याचिका पर अगले हफ्ते सुनवाई (photo source- Patrika)

Chaitanya Baghel Bail: पूर्व मुख्यमंत्री बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को बहुत विवादित शराब स्कैम केस में हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। ED और EOW केस में सुनवाई के बाद चैतन्य की बेल अर्जी मंज़ूर कर ली गई है। वह लगभग 168 दिनों के बाद जेल से रिहा होंगे।

Chaitanya Baghel Bail: 2,500 करोड़ रुपए की गैर-कानूनी कमाई

ED ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को 18 जुलाई को उनके जन्मदिन पर उनके भिलाई स्थित घर से प्रिवेंशन ऑफ़ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के तहत गिरफ्तार किया। ED ने शराब घोटाले की जांच ACB/EOW, रायपुर द्वारा इंडियन पीनल कोड (IPC) और प्रिवेंशन ऑफ़ करप्शन एक्ट, 1988 की अलग-अलग धाराओं के तहत दर्ज FIR के आधार पर शुरू की।

शुरुआती जांच से पता चला है कि इस घोटाले से सरकारी खजाने को काफी नुकसान हुआ, और लगभग 2,500 करोड़ रुपए की गैर-कानूनी कमाई (POC) घोटाले के लाभार्थियों की जेब में गई।

जानें क्या है शराब घोटाले का पूरा मामला?

CG News: एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) पिछले कुछ सालों से छत्तीसगढ़ के बहुत ज़्यादा चर्चित शराब स्कैम की जांच कर रहा है। यह जांच एंटी-करप्शन ब्यूरो (ACB) और रायपुर में इकोनॉमिक ऑफेंस इन्वेस्टिगेशन विंग (EOW) द्वारा फाइल की गई FIR के आधार पर शुरू की गई थी। FIR इंडियन पीनल कोड (IPC) और प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट, 1988 की अलग-अलग धाराओं के तहत रजिस्टर की गई थी।

कैसे हुआ घोटाले का खुलासा?

शुरुआती जांच से पता चला है कि राज्य में शराब खरीदने, बांटने और बेचने का पूरा सिस्टम एक ऑर्गनाइज़्ड नेटवर्क के कंट्रोल में था, जिसमें सरकारी अधिकारी, बिज़नेसमैन और पॉलिटिकल सपोर्ट वाले लोग शामिल थे। आरोप है कि शराब के नियमों में हेरफेर करके सरकारी खजाने को काफी नुकसान पहुंचाया गया।