कोरोना संक्रमण का असर, इस बार नहीं होगा छठ पूजा का सार्वजनिक आयोजन

बैठक में निर्णय लिया गया कि कोविड 19 के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए इस वर्ष सार्वजनिक छठ पूजा का आयेाजन नहीं किए जाने संबंधी विभिन्न स्थलों पर बैनर,पोस्टर लगाए जाएंगे। नगर निगम क्षेत्र में इसकी मुनादी भी नगर निगम द्वारा कराई जाएगी।

By: Karunakant Chaubey

Published: 09 Nov 2020, 10:06 PM IST

बिलासपुर. इस बार छठ पूजा पर इस बार तोरवा स्थित छठ घाट पर कोई सार्वजनिक आयोजन नहीं किया जाएगा। कोरोना संक्रमण रोकथाम के लिए जारी गाइडलाइन को ध्यान में रखकर सार्वजनिक समारोह नहीं करने का निर्णय लिया गया है। नगर निगम आयोजन नहीं करने संबंधी मुनादी कराएगी।

अतिरिक्त कलेक्टर बीएस उइके की अध्यक्षता में सोमवार को छठ पूजा आयोजन के संबंध में बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, आयुक्त नगर निगम के प्रतिनिधि एवं छठ पूजा समिति के सदस्य उपस्थित थे। बैठक में छठ पूजा आयोजन के संबंध में चर्चा की गई। चर्चा के दौरान कहा गया कि छठ पूजा पर छठ घाट एवं अन्य जल स्त्रोतों पर छठियों की भीड़ इक_ा होने से कोविड 19 के संबंध में डब्लूएचओ द्वारा जारी गाइडलाइन यथा सामाजिक दूरी एवं मास्क की अनिवार्यता का पालन किया जाना संभव नहीं हो पाएगा।

दीवाली की रात सिर्फ 2 घंटे तक ही फोड़ सकेंगे पटाखे, राज्य सरकार ने जारी किया आदेश

इसलिए इस वर्ष छठ घाट एवं अन्य जल स्त्रोतों पर सार्वजनिक रूप से छठ पूजा का आयेाजन नहीं किया जाएगा। छठ पूजा लोग अपने घरों पर ही करें। बैठक में निर्णय लिया गया कि कोविड 19 के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए इस वर्ष सार्वजनिक छठ पूजा का आयेाजन नहीं किए जाने संबंधी विभिन्न स्थलों पर बैनर,पोस्टर लगाए जाएंगे। नगर निगम क्षेत्र में इसकी मुनादी भी नगर निगम द्वारा कराई जाएगी। बैठक में लिए गए निर्णय का पुलिस द्वारा पेट्रोलिंग कर पालन सुनिश्चित कराया जाएगा।

आपको बता दें कि कोरोना को देखते हुए त्योहारों की प्रकृति इस बार बहुत बदल गई है। दुर्गा पंडाल और गरबा पर प्रशासन के प्रतिबंध के बाद, अब सामूहिक स्तर पर छठ पूजा नहीं करने का निर्णय लिया गया है। इस संबंध में, दुर्ग प्रशासन की ओर से समाज के प्रमुखों की एक बैठक बुलाई गई थी, जिसमें यह निर्णय लिया गया था कि इस बार तालाबों और घाटों में सामूहिक स्तर पर छठ का आयोजन नहीं होगा, लेकिन लोग अपने-अपने घरों में प्रतीकात्मक तालाब बनाकर भगवान सूर्य की अराधना करेंगे।

हालांकि, इससे पहले, अंबिकापुर सहित कुछ अन्य जिलों में सामूहिक स्तर पर छठ घाट पर पूजा नहीं करने का निर्णय लिया गया है। आपको बता दें कि 20 नवंबर को पूरे देश में छठ पूजा मनाई जाएगी।

ये भी पढ़ें: सरकार ने पटाखों पर प्रतिबंध का फैसला कलेक्टरों पर छोड़ा, रायपुर में चीनी पटाखों पर प्रतिबंध

Karunakant Chaubey Desk/Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned