
बिलासपुर . चकरभाठा हवाई पट्टी के ओएलएस सर्वेक्षण का कार्य गुरुवार को समाप्त हो गया। एक पखवाड़े से अधिक समय तक इस हवाई पट्टी पर विमान उतरने और उडऩे के दौरान आने वाली बाधाओं का सर्वेक्षण किया जा रहा था। इसकी रिपोर्ट तैयार करके एक पखवाड़े में लोक निर्माण विभाग को सौंपी जाएगी। राष्ट्रीय विमानन मंत्रालय के अधिकारियों ने चकरभाठा हवाई पट्टी से नियमित विमान सेवा प्रारंभ करने के पूर्व ओएलएस सर्वे को अनिवार्य बताया था। ताकि नियमित विमान सेवा के उड़ान भरने और उसके उतरने के दौरान किसी प्रकार की बाधाएं न हो सके। इसके लिए लोक निर्माण विभाग ने ओएलएस सर्वे के लिए दो बार टेंडर प्रकाशित किया गया। लेकिन दोनों ही बार नई दिल्ली की एक ही कंपनी ने सर्वे का कार्य करने के लिए रुचि दिखाई गई।
रन-वे निर्माण आज-कल में होगा शुरू : चकरभाठा हवाई पट्टी के रन-वे को फिर से बनाने का कार्य शनिवार या रविवार से प्रारंभ किया जाएगा। इस रन-वे को बनाने के लिए 3.25 करोड़ रुपए का टेंडर जारी किया गया है। इसे पूरा करने की अवधि टेंडर में दो माह निर्धारित की गई है।
रन-वे की लम्बाई चौड़ाई : चकरभाठा हवाई पट्टी के रन-वे की लम्बाई 1535 मीटर है। इसकी चौड़ाई 8 सौ मीटर है। रन वे कई हिस्से में गड्ढे हैं, इसे समतल करने का कार्य किया जाएगा। एयरपोर्ट अॅथारिटी ऑफ इंडिया के अधिकारियों की टीम पिछले महीने ही यहां निरीक्षण के लिए आई थी।
15 लाख में सर्वे : चकरभाठा हवाई पट्टी पर विमान उतरने और उड़ान भरने के दौरान क्या बाधाएं आ सकती हैं, इसका सर्वे किया गया। यह सर्वे 15 दिनों में ठेका कंपनी ने पूरा किया। गुरुवार को सर्वे का कार्य समाप्त हो गया है।
15 दिनों में रिपोर्ट देंगे : ओएलएस सर्वे करने वाली कंपनी अपनी रिपोर्ट 15 दिनों के भीतर लोक निर्माण विभाग को सौंपेंगी। इसमें यह पता चल सकेगा कि विमान उतरने और उडऩे के दौरान क्या बाधाएं हैं। क्या सावधानियां बरतनी हैं।
सर्वे पूरा, रिपोर्ट मिलेगी 15 दिन में : हवाई पट्टी के सर्वे का कार्य पूरा हो गया है। ठेका लेने वाली कंपनी 15 दिन के भीतर सर्वे रिपोर्ट देगी। शनिवार या रविवार से हवाई पट्टी को नया बनाने का कार्य प्रारंभ किया जाएगा।
जीआर जांगड़े, एसडीओ, लोनिवि बिलासपुर
Published on:
05 May 2018 09:03 am
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