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एक दिन की कलेक्टर ने परखा अधिकारियों का कामकाज, यादगार रहा अनुभव

चेतना ने कहा कि वह कलेक्टर की परछाई के रूप में काम करके बहुत खुश है।

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on day collectore

बिलासपुर . छत्तीसगढ़ यूथ स्पार्क प्रोग्राम के तहत पांच चरणों की कड़ी स्पर्धा के बाद शेडो कलेक्टर बनीं चेतना देवांगन मंगलवार को सुबह तय समय पर कलेक्टोरेट पहुंचीं। टीएल की बैठक में कलेक्टर पी. दयानंद के साथ रहीं, कामकाज की समीक्षा और कार्य करने के तौर-तरीके को परखा। शेडो कलेक्टर चेतना देवांगन इस प्रोग्राम की नोडल अधिकारी व बिलासा कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय की वरिष्ठ खेलकूद अधिकारी शारदा कश्यप के साथ कलेक्टोरेट पहुंची थीं। उन्हें कलेक्टर कक्ष में बिठाया गया। फिर मंथन सभाकक्ष में साप्ताहिक टीएल की बैठक में जिले के अधिकारियों से रूबरू कराया गया। इसके बाद कलेक्टर की दिनभर के दिनचर्या से शेडो कलेक्टर रूबरू हुईं। यह सिलसिला शाम 5 बजे तक चला।
बेहद खुशी हुई : शासकीय बिलासा गल्र्स कॉलेज में बीए थर्ड सेमेस्टर की छात्रा चेतना देवांगन को मंगलवार को दिन भर कलेक्टर के साथ-साथ प्रशासनिक अनुभव हासिल करने पर बेहद खुशी हुई। उसने सोचा है कि प्रशासनिक सेवा में जाकर वह किसी दिन कलेक्टर की जिम्मेदारी संभाले। चेतना ने कहा कि वह कलेक्टर की परछाई के रूप में काम करके बहुत खुश है। आज जाना कि शासन की लोक कल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन महत्वपूर्ण दायित्व है। महसूस हुआ कि कलेक्टर का काम बेहद चुनौतीपूर्ण है। शिकायतों का निराकरण कैसे किया जा सकता है, यह समझने का प्रयास किया।
अकेली चुनी गईं : प्रदेश के सभी कॉलेजों में पांच चरणों में यूथ स्पार्क स्पर्धा का आयोजन किया गया। पांचवें व अंतिम चरण में शेडो कलेक्टर की भूमिका निभाना था। इस स्पर्धा का पहला चरण सभी कालेजों में आयोजित किया गया। इसके बाद के दो,तीन व चौथे चरण की स्पर्धा मोबाइल एप पर ऑनलाइन आयोजित की गई। इसमें चेतना देवांगन चयनित हुई। जिले से चेतना अकेली शेडो कलेक्टर बनीं।
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बीए की छात्रा : चेतना देवांगन शासकीय कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय में बीए थर्ड सेमेस्टर में अध्ययनरत है। उनके पिता ग्रामीण बैंक में शाखा प्रबंधक के पद पर कार्यरत है।
अनुभव अच्छा रहा : चेतना का शेडो कलेक्टर के तौर पर कामकाज और अनुभव काफी अच्छा रहा।
शारदा कश्यप, नोडल अधिकारी, छग यूथ स्पार्क प्रोग्राम, बिलासा कॉलेज

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