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होमगार्ड के ड्यूटी भत्ते में बढ़ोतरी का आदेश

हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को चार महीने में सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार नगर सैनिकों (होमगार्ड) के ड्यूटी भत्ते में बढ़ोतरी के लिए आदेश दिया है। इससे कम ड्यूटी भत्ते से परेशान नगर सैनिकों को राहत मिली है।

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होमगार्ड के ड्यूटी भत्ते में बढ़ोतरी का आदेश

होमगार्ड के ड्यूटी भत्ते में बढ़ोतरी का आदेश

बिलासपुर। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को चार महीने में सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार नगर सैनिकों (होमगार्ड) के ड्यूटी भत्ते में बढ़ोतरी के लिए आदेश दिया है। इससे कम ड्यूटी भत्ते से परेशान नगर सैनिकों को राहत मिली है।

नगर सैनिक बालोद निवासी डोमन लाल चंद्राकर, सुरेंद्र कुमार देशमुख, कबीरधाम निवासी राजू बघेल और संजय कुमार ध्रुवे ने राज्य सरकार के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इसमे ड्यूटी भत्ते में बढ़ोतरी को लेकर सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी आदेश का पालन नहीं होने की बात कही थी। राज्य सरकार की ओर से दलील दी गई कि इस मामले में कार्रवाई की जा रही है। दलील को तर्कसंगत पाते हुए कोर्ट ने याचिका निराकृत करते हुए चार महीने के भीतर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लागू करने का आदेश दिया।बता दें कि नगर सैनिकों के वेतन को लेकर कई बार सवाल खड़े हो चुके हैं। उनके सर्विस रूल और नियम कायदे पुलिस विभाग की तरह हैं। भर्ती का सिस्टम भी लगभग पुलिस की ही तरह है। थानों में नगर सैनिक पुलिस जवानों की तरह ही सारी जिम्मेदारी निभाते हैं। इसके बावजूद सिपाहियों और नगर सैनिकों के वेतन में बड़ा अंतर है। इसी मुद्दे पर नगर सैनिकों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।

नगर सैनिक बालोद निवासी डोमन लाल चंद्राकर, सुरेंद्र कुमार देशमुख, कबीरधाम निवासी राजू बघेल और संजय कुमार ध्रुवे ने राज्य सरकार के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इसमे ड्यूटी भत्ते में बढ़ोतरी को लेकर सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी आदेश का पालन नहीं होने की बात कही थी। राज्य सरकार की ओर से दलील दी गई कि इस मामले में कार्रवाई की जा रही है। दलील को तर्कसंगत पाते हुए कोर्ट ने याचिका निराकृत करते हुए चार महीने के भीतर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लागू करने का आदेश दिया।बता दें कि नगर सैनिकों के वेतन को लेकर कई बार सवाल खड़े हो चुके हैं। उनके सर्विस रूल और नियम कायदे पुलिस विभाग की तरह हैं। भर्ती का सिस्टम भी लगभग पुलिस की ही तरह है। थानों में नगर सैनिक पुलिस जवानों की तरह ही सारी जिम्मेदारी निभाते हैं। इसके बावजूद सिपाहियों और नगर सैनिकों के वेतन में बड़ा अंतर है। इसी मुद्दे पर नगर सैनिकों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।