
बिलासपुर. बच्चे का इलाज कराने जिला अस्पताल पहुंचे एक मरीज को सिविल सर्जन के चपरासी और गार्ड ने धक्का देकर बाहर निकाल दिया। गार्ड और चपरासी ने मरीज के परिजनों के साथ बदसलूकी भी की। मामला शांत होने के बाद बच्चे का इलाज कराकर मरीज वापस लौटा। मौसमी बीमारी के चलते इन दिनों जिला अस्पताल में मरीजों की लाइन लगी है। मस्तूरी क्षेत्र के एक युवक अपने पांच वर्षीय बच्चे को इलाज कराने के लिए जिला अस्पताल लेकर आया। अस्पताल में लेट-लतीफी होने के कारण युवक अपने बच्चे को लेकर सिविल सर्जन के चेंबर के अंदर ले पहुंचा। तब सिविल सर्जन के चपरासी ने बिना पूछे अंदर कैसे घुस गए कहकर मरीज के परिजन से बदतमिजी करने लगा।
जिससे दोनों के बीच विवाद बढ़ गया। चपरासी ने जिला चिकित्सालय में तैनात होम गार्ड को बुला लिया। होम गार्ड ने मरीज के परिजन को धक्के देकर चेंबर से बाहर निकाल दिया। सिविल सर्जन का चपरासी उसके साथ फिर भी बदतमिजी करता रहा। जिसके कारण विवाद बढ़ गया। सिविल सर्जन ने मामला बढ़ते देख तारबहार टीआई को फोन किया। उसके बाद स्वयं पहल करते हुए सिविल सर्जन ने मरीज के बच्चे का इलाज किया। उसके बाद परिजन अपने बच्चे को लेकर घर आ गए। मौके पर पहुंची पुलिस को सिविल सर्जन ने बताया कि मामला शांत हो गया है। पुलिस वापस लौट गई।
बढ़ रहे हैं मरीज : इन दिनों वायरल फिवर होने के कारण जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। जिससे इलाज कराने पहुंचे मरीजों की लंबी लाइन लगी रहती है। सरकारी अस्पताल में ज्यादातर गांव के लोग पहुंचते हैं। ड्यूटी टाईम में डॉक्टर चेंबर छोड़कर नदारद रहते हैं। जिसके कारण इलाज में देरी होती हैं।
Published on:
14 Oct 2017 04:18 pm
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