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इन सड़कों पर जरा संभलकर चले, कहीं बाइक सहित सीवरेज में न समां जाएं

निगम के अफसर और जनप्रतिनिधि गुणवत्ता का ढिंढोरा पीट रहे हैं। इसके बाद भी निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का हाल बेहाल है।

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sadak ke gaddhe

बिलासपुर. निगम के अफसर और जनप्रतिनिधि गुणवत्ता का ढिंढोरा पीट रहे हैं। इसके बाद भी निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का हाल बेहाल है। जहां शहर की अधिकांश सड़कों की हालत खस्ता है, वहीं नाला निर्माण व कलवर्ट के ऊपर ढाले गए स्लैब का भी बुरा हाल है। शहर के कई स्थानों पर स्लैब टूटकर धंस रहे हैं। इससे हर समय हादसे का खतरा बना हुआ है। या तो निगम और जिला प्रशासन के अफसर शहर में घूमते नहीं, या फिर सब कुछ देखकर भी अनदेखा कर दे रहे हैं। शहर की ज्यादातर सड़कों की हालत ये है, कि कहीं स्लैब टूटकर अंदर धंसा हुआ है, या फिर धंस रहा है। कुछ स्थानों से तो स्लैब ही गायब है। इससे आए दिए दुर्घटनाएं भी हो रही हैं।

जेपी वर्मा कॉलेज रोड: बिलासपुर से राजमार्ग को जोडऩे वाले महाराणा प्रताप चौक पर सीवरेज कार्य के चलते एक साइड की सड़क को बंद कर पूरे ट्रैफिक को दूसरे साइड से डायवर्ट किया गया है। इसी सड़क का स्लैब टूटकर धंसने की कगार पर है। इस मार्ग से रोजाना हजारों की छोटे-बड़े वाहनों का आवागमन होता है। हर समय खतरा बना हुआ है। लेकिन किसी को कोई चिंता नहीं है।

देवकीनंदन चौक: देवकीनंदन चौक पर सड़क के बीच नाले के ऊपर स्लैब के एक कोने का हिस्सा टूटकर अंदर की ओर धंसा हुआ है। ये कभी भी अंदर खिसककर राहगीरों के लिए जान का जोखिम साबित हो सकता है। यहां से हर दिन निगम के अधिकारी भी गुजरते हैं। लेकिन निगम प्रशासन इससे अनजान बना हुआ है।

ईदगाह चौक: ईदगाह चौक पर रोटरी से लगे सड़क के ठीक बगल में नाले के ऊपर स्लैब की ढलाई की गई है। यह स्लैब अंदर की ओर धंसकर लोहे के किनारे की पट्टी पर टिका हुआ है। यदि वाहन के दबाव से यह पट्टी टूटती है, या फिर कोई ठोकर लगता है तो पूरा स्लैब टूटकर अंधर धंस सकता है।

पुराना बस स्टैंड: पुराने बस स्टैंड की यातायात व्यवस्था को लेकर चिंतित निगम और जिला प्रशासन ने सड़क की चौड़ाई बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के तहत सड़क किनारे की दुकानों को हटवाकर बस स्टेंड परिसर के अंदर करवा दिया। बीच चौराहे पर बनी रोटरी को भी छोटा कराया, ताकि भारी वाहनों को मोडऩे में कोई दिक्कत न हो। लेकिन सड़क किनारे से गायब और टूटे स्लैब को बदलवाने की फिक्र नहीं की। नीचे नाले में तेज धार के साथ पानी बह रहा है। यहां बारिश के दौरान दो साल पूर्व एक बच्ची के बहने की घटना हो चुकी। इसके बावजूद निगम के अफसरों का ध्यान नहीं है।

महाराणा प्रताप चौक से गुजरा नगर निगम आयुक्त का काफिला, लेकिन ध्यान नहीं दिया: महाराणा प्रताप चौक पर ही ट्रैफिक पुलिस ने साइड से आने-जाने वालों के लिए बेरिकेड्स लगा रखा है। लेकिन सड़क पर नाले के ऊपर का स्लैब आधा टूटकर गायब हो गया है। नाले का हिस्सा खुला है, जिसमें तेज बहाव भी है। लेकिन न तो निगम के अफसरों को इसकी ङ्क्षचता है, ना ही लोक निर्माण विभाग को। सोमवार को महाराणा प्रताप चौक से निगम आयुक्त सौमिल रंजन चौबे मातहत अफसरों के साथ गुजरे। लेकिन किसी अफसर ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।