
रणनीति से करें पैसों का इस्तेमाल
ईपीएफ मेेंं पैसे बढऩे दें
सेविंग स्कीम्स में अभी सबसे अधिक ब्याज ईपीएफ पर मिल रहा है जो सालाना 8.1त्न है। ईपीएफ में जमा पैसे पर चक्रवृद्धि ब्याज मिलता है। यानी मूल जमा के साथ उस पर मिले ब्याज पर भी ब्याज मिलता है। अगर पैसे की बहुत अधिक जरूरत न हो तो ईपीएफ फंड से पैसे निकालने की गलती न करें। 3 साल के बाद ईपीएफ खाते से पूरा पैसा निकाल सकते हैं या थोड़ा-थोड़ा कर पैसे निकाल सकते हैं, ताकि बचे पैसों पर ब्याज मिलता रहे।
वित्तीय देनदारियों का निपटारा करें
अपनी सभी वित्तीय देनदारियों का जल्द से जल्द निपटारा करें जैसे कि होम लोन, कार लोन या अन्य किसी कर्ज की किश्त बची है तो इसे जल्द चुकता करें। इसे एकमुश्त चुकाने के लिए पीएफ और ग्रेच्यूटी की रकम का इस्तेमाल कर सकते हैं या रेगुलर प्री-पेमेंट्स का विकल्प चुन सकते हैं।
हाई रिस्क निवेश से हमेशा बचें
रिस्क लेने की क्षमता के हिसाब से विभिन्न एसेट क्लास में पैसे लगाएं। अधिक रिस्क नहीं उठा सकते हैं तो ज्यादा रिटर्न के लिए इक्विटी जैसे हाई रिस्क विकल्प में पैसे लगाने से बचें। मॉडेरेट रिस्क वाले डेट फंड्स चुन सकते हैं। जैसे- पीपीएफ, बैलेंस्ड एडवांटेज फंड, हाइब्रिड म्यूचुअल फंड्स आदि।
रेगुलर कैश फ्लो मासिक पेंशन के अलावा नियमित तौर पर ब्याज या डिविडेंड पेमेंट के जरिए रेगुलर कैश फ्लो जरूर सुनिश्चित करें। जैसे सीनियर सिटीजंस सेविंगस स्कीम में 5 साल के लिए 10 लाख रुपए निवेश करते हैं तो मौजूदा 7.4 फीसदी की ब्याज दर के से हर तिमाही 18500 रुपए मिलेंगे। डिविडेंड ऑप्शन भी चुन सकते हैं।
Updated on:
08 Apr 2022 11:22 pm
Published on:
08 Apr 2022 11:22 pm
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