
बिलासपुर . पांच लाख रुपए के व्यवसाय करने के लिए कोई डिग्री, डिप्लोमा की जरूरत नहीं है। ऋण लेने बाले व्यक्ति को अक्षर ज्ञान नहीं है तो भी वह पात्र रहेगा। बशर्ते उसे किसी जनप्रतिनिधि द्वारा प्रमाणित प्रमाण पत्र की जरूरत है। इसी के आधार पर वह ऑनलाइन आवेदन करके ऋण का हकदार बन सकता है।
छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के माध्यम से महात्मा गांधी की 150 वीं वर्षगांठ पर यह अभिनव पहल किया गया है। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के अंतर्गत सेवा क्षेत्र में एक से दस लाख रुपए का ऋण दिया जा रहा है। वहीं विनिर्माण के क्षेत्र में 1 से 25 लाख रुपए ऋण के लिए आवेदन जमा हो रहे है। यह योजनाएं सभी वर्गों के लिए है। इसमें पांच लाख रुपए से अधिक के ऋण लेने के लिए आठवीं कक्षा उत्तीर्ण होना अनिवार्य है।
5 लाख के लिए अंगूठा छाप पर्याप्त
पांच लाख रुपए तक परंपरागत व्यवसाय करने वाले पांच लाख रुपए तक ऋण देने का प्रावधान किया गया है। इस योजना में लोहार , बढ़ई, कुम्हार, धोबी, पंचर बनाने वाला , बुनकर,शिल्पी आदि शामिल किए गए है। इन योजनाओं के लिए किसी भी प्रकार के डिग्री, डिप्लोमा अथवा किसी स्कूल के सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है। अगर वह शहरी क्षेत्र का निवासी है तो उसे अपने निवास क्षेत्र के पार्षद एवं गांव का रहने वाला है तो उसे संबंधित ग्राम पंचायत के सरपंच के प्रमाण पत्र की आवश्यकता होगी। इन दोनों ही क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों को उक्त व्यवसाय करने की पुष्टि करते हुए प्रमाण पत्र देने से वह ऋण योजना के आवेदन पत्र जमा करने का हकदार हो जाएगा।
पिछली साल का लक्ष्य इस बार भी
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत जिले को बीते वित्तीय वर्ष में 58 इकाई का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। चालू वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही के दो माह से अधिक समय कोरोना संक्रमण लॉकडाउन की वजह से कार्यालय बंद रहे। इसलिए फिलहाल इस बार भी अभी तक 58 इकाई स्थापित करने का लक्ष्य दिया गया है।
उम्र का बंधन नहीं
इस योजना में 18 साल से अधिक के आयु के लोग इसके पात्र होंगे। इसके लिए उम्र का बंधन नहीं रखा गया है। इसमें अनुसूचित जाति व जनजाति को 35 प्रतिशत , सामान्य वर्ग को 25 एवं महिला को 35 प्रतिशत अनुदान देने का प्रावधान है।
असाक्षरों को भी ऋण
पीएम रोजगार सृजन कार्यक्रम में असाक्षरों को पांच लाख रुपए तक ऋण देने का नियम है। इसके लिए किसी भी जनप्रतिनिधि द्वारा प्रमाणित प्रमाण पत्र देना जरूरी है। ताकि इस प्रमाण पत्र को ऑनलाइन आवेदन में अपलोड किया जा सके।
- पंकज अग्रवाल, सहायक संचालक, जिला खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड, बिलासपुर
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Updated on:
13 Jul 2021 06:02 pm
Published on:
13 Jul 2021 05:50 pm
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