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36 सिटी मॉल से होने वाली आय के आंकलन में जुटा पीएनबी

120 करोड़ की लोन देने वाली जेएम फायनेंस कंपनी और पीनबी प्रबंधन जानना चाहता है कि माल एवं होटल से कुल कितने की आय प्रति महीने होती है।

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36 city mall

बिलासपुर . 36 माल एवं होटल मैरियट को पीएनबी ने खाता नंबर जारी कर किराया जमा करने के निर्देश दिए हैं। लगभग दो महीने बीतने के बाद भी बैंक को एक रुपए का भुगतान नहीं मिला है। अब बैंक नई रणनीति पर काम कर रहा है। उसकी नजर माल एवं होटल से होने वाली कुल आय को जानने को लेकर है। प्रति माह होने वाले मेंटनेंस खर्चे को काटकर कुल कितनी आय प्रति महीने की होती और 120 करोड़ की रिकवरी में कितना वक्त लगेगा। इन सब हिसाब-किताब के आंकलन के बाद नई रणनीति पर काम हो रहा है। बैंक प्रबंधन की मंशा है कि रिकवरी की संभावना नहीं बनती है तो अकले 3 महीनों में नीलामी को हरी झंडी दी जाएगी। 36 माल एवं होटल प्रबंधन बैंक की रणनीति से अंजान किराया नहीं देने पर अड़कर इसे अपनी जीत मान रहा है। जबकि मालूम नहीं कि इस निर्णय से बड़ा झटका लग सकता है। जल्द ही नीलामी की घोषणा हो सकती है। 120 करोड़ की लोन देने वाली जेएम फायनेंस कंपनी और पीनबी प्रबंधन वाकई में जानना चाहता है कि माल एवं होटल से कुल कितने की आय प्रति महीने होती है।

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रिकवरी को लेकर माल प्रबंधन द्वारा बैंक को लगातार बताया जा रहा था कि माल से आय नहीं होने के कारण किश्त की अदायगी नहीं की जा रही थी। अब पीएनबी ने इस काम का बीड़ा उठाया है, मेंटनेंस खर्च को काटकर कुल कितने की आय होती है।
फूटी कौड़ी की रिकवरी नहीं : हाईकोर्ट के आदेश के बाद 36 माल और होटल कोटयार्ड मैरियट के अधिग्रहण के लगभग दो माह बाद भी फूटी कौड़ी की रिकवरी पीएनबी और जेएम फाइनेंस कंपनी नहीं कर पाई है। उल्टे आए दिन की नई-नई मुसीबतों ने बैंक प्रबंधन के होश उडा दिए हैं। नगर निगम के 50 लाख के संपत्तिकर के नोटिस से बैंक को नहीं सूझ रहा है कि आगे क्या रणनीति बनाई जाए, जिससे इस अचानक आई मुसीबत से छूटकारा मिले। साथ ही किराएदारों द्वारा किराया नहीं पटाना पहले ही मुसीबत बना हुआ है।
पैंतरा उल्टा पड़ा : माल एवं होटल के अधिग्रहण के बाद पीएनबी एवं जेएम फायनेंस ने व्यवसायिक तुर्जबा नहीं होने का हवाला देते हुए नया दांव खेला और संचालन की जिम्मेदारी पूर्व मालिकों को दे दी। बैंक का ये पैंतरा अब उल्टा पड़ गया है। पूर्व में उसे लगा प्रबंधन का जिम्मा भले ही पूर्व मालिकों को दे दिया है, किराया तो उसके खाते में जमा होगा। बैठे- ठाले प्रबंधन की मुसीबत क्यों उठाएं। अब 36 माल एवं होटल मैरियट से किसी तरह का सहयोग नहीं मिलने से बैंक के हाथ-पांव फूल गए हैं।
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शीघ्र लिया जाएगा निर्णय : रिकवरी के संबंध में फिलहाल वेट ऐंड वॉच की पालिसी पर काम कर रहे हैं, शीघ्र ही बड़ा निर्णय लिया जाएगा। ये बात सही है कि माल एवं होटल प्रबंधन से किसी तरह का सहयोग नहीं मिल रहा है। कुछ दिन और देख लेते हैं। -बीपी राव, एजीएम, पीएनबी