24 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

पुलिस के पास 5 हजार शिकायतें पड़ीं हैं पेंडिंग, सालभर में जांच नहीं कर सकी पुलिस

पीएचक्यू, आईजी व एसपी से की गई थी शिकायतें

2 min read
Google source verification
patrika news

बिलासपुर . वर्ष 2017 में पीएचक्यू (पुलिस हेड क्वार्टर) आईजी और एसपी से की गई 5000 शिकायतें पेंडिंग हैं। सालभर में पुलिस इन शिकायतों का निराकरण नहीं कर पाई है। अधिकांश शिकायतें चारसौबीसी से संबंधित हैं। पुलिस ने इन शिकायतों को वर्ष 2018 में जांच करने के लिए पेंडिंग रखा है। शिकायतों की जांच करने में पुलिस पुराने ढर्रे पर चल रही है। अपराध दर्ज कराने पहुंचने वाले शिकायतकर्ताओं से आवेदन लेकर जांच के बाद कार्रवाई का हवाला देती है। जिले के करीब 5000 लोगों ने अपनी समस्या से पुलिस को अवगत कराते हुए पुलिस मुख्यालय, आईजी और एसपी से शिकायत की। सभी थानों और राजपत्रित अधिकारियों के कार्यालयों में ऐसी शिकायतों का अंबार लगा हुआ है। अधिकांश शिकायतें 420 से संबंधित हैं। इन्हें एक पोटली में बांधकर पुलिस ने स्टोर रूम में रख दिया है।

आरोपी मिलने पर दर्ज की एफआईआर - विद्युत विभाग के कर्मचारी व शुभम विहार निवासी अजीत पिता चंद्रिका प्रसाद मिश्रा (62) ने 2016 में ग्राम घुरु में नया मकान बनवाया था। मॉड्यूलर किचन बनाने का काम अगस्त 2016 में अभिजीत की दुकान का कर्मचारी व मुंबई निवासी संतोष शर्मा ने को दिया था। संतोष उससे 91 हजार रुपए लेकर जनवरी 2017 में फरार हो गया था। शिकायत करने पहुंचे अजीत से पुलिस ने आवेदन लेकर आरोपी पकडऩे के बाद अपराध दर्ज करने की बात कही थी। 11 महीने के बाद 29 नवंबर को पुलिस ने आरोपी को पकडऩे के बाद मामले में अपराध दर्ज किया था।

शिकायत सेल के रिकार्ड में पेंडिंग की भरमार - पीएचक्यू, आईजी और एसपी कार्यालय से होने वाली शिकायतों का निराकरण व जांच समय पर करने शिकायत सेल का गठन किया गया है। इसका प्रभार डीएसपी दिलीप चन्द्राकर को सौंपा गया है। सेल से शिकायतें संबंधित थानों और अधिकारियों के कार्यालय भेजी गई थीं। लेकिन इसके बाद मॉनिटरिंग नहीं होने के कारण इनकी जांच अटकी हुई है। शिकायत सेल के रिकार्ड मुताबिक अभी 5000 से अधिक मामलों का निराकरण होना बाक है।