25 अक्टूबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

पुरुषोत्तम मास की शुरुआत 16 से, एक माह तक प्रभु की भक्ति में लीन रहेंगे श्रद्धालु

पूजन, व्रत व धार्मिक आयोजन करना सर्वोत्तम माना गया है।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

बिलासपुर

•

image

Anil Kumar Srivas

•

Updated: 10 May 2018, 7:03 PM IST

venkatesh mandir

बिलासपुर . पुरुषोत्तम मास आगामी 16 मई से शुरू होगा। एक माह तक धार्मिक कार्यक्रम करते हुए प्रभु श्री हरि की भक्ति में लीन होंगे। मान्यतानुसार पुरुषोत्तम मास को प्रभु ने अपना नाम देकर पवित्र व पावन मास बना दिया है। जिसके कारण इस माह में पूजन, धार्मिक कार्यक्रम तीर्थ करना जैसे कार्य करने पर भक्तों को कई गुणा पुण्य की प्राप्ति होती है। पुरुषोत्तम मास अपने नाम से ही स्पष्ट होता है कि सबसे उत्तम व श्रेष्ठ मास है। ज्योतिषाचार्य पंडित महेश्वर प्रसाद उपाध्याय ने बताया कि प्रत्येक तीन साल के बाद यह मास बनता है। इसलिए इसे श्रेष्ठ व उत्तम मास माना जाता है। इस तिथि में जो भी व्यक्ति प्रभु का भजन-कीर्तन व भक्ति करता है। उसे प्रभु की कृपा मिलती है। इस मास को प्रभु ने अपना नाम दिया है। पुरुषोत्तम नाम ही श्रेष्ठ व सुंदर है इस माह को प्रभु ने अपना लिया है और यह माह सभी को सुख-समृद्धि प्रदान करता है। ज्योतिषाचार्य एवं वास्तुविद डॉ. उद्धव श्याम केसरी ने बताया कि पुरुषोत्तम मास पूरी तरह प्रभु को समर्पित मास है। पूजन, व्रत व धार्मिक आयोजन करना सर्वोत्तम माना गया है।
श्रीराम मंदिर में होगी भागवत कथा : श्री राम मंदिर समिति की ओर से पुरुषोत्तम मास में श्रीमद् भागवत महापुराण कथा का आयोजन किया जाएगा। इसी तरह से शहर के कई मंदिरों में पूजा-अर्चना करते हुए पाठ भी होंगे।
मन के मैल को दूर कर उत्तम बनने का माह : अधिकमास को पुरुषोत्तम मास कहे जाने का एक सांकेतिक अर्थ भी है। ऐसा माना जाता है कि यह मास हर व्यक्ति विशेष के लिए तन-मन से पवित्र होने का समय होता है। इस दौरान श्रद्धालुजन व्रत, उपवास, ध्यान , योग और भजन-कीर्तन मनन में लीन रहते है और अपने आपको भगवान के प्रति समर्पित कर देते है इस तरह से यह समय सामान्य पुरुष से उत्तम बनने का होता है। मन के मैल को धोने का होता है।