
पुलिस परिवार के आंदोलन में शामिल आरक्षक को एसपी ने किया बर्खास्त
बिलासपुर. 13 सूत्रीय मांगों को लेकर 22 जून को बिलासपुर में होने वाले पुलिस परिवार आंदोलन में शामिल जिले के एक आरक्षक को एसपी आरिफ एच शेख ने तय आंदोलन के एक दिन पूर्व गुरुवार को बर्खास्त कर दिया। प्रदेश में पुलिस परिवार आंदोलन मामले में यह पहली कार्रवाई है। एसपी शेख ने आंदोलन रोकने जारी निर्देशों को लीक करने वाले क्राइम ब्रांच के दो आरक्षकों को लाइन अटैच कर दिया है। एसपी शेख ने पुलिस परिवार आंदोलन में शामिल परिवारों को समझाइश देते हुए लिखित में आंदोलन नहीं करने का जवाब लिया था। इसके बाद भी आंदोलन में शामिल होने वाले पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। अधिकारियों ने पुलिस कर्मियों से प्रतिदिन बात कर आंदोलन करने पर कार्रवाई करने की चेतावनी दी थी। जिले में पदस्थ आरक्षक रोहणी लोनिया अधिकारियों की समझाइश के बाद भी आंदोलन जारी रखा। वह 25 जून को राजधानी रायपुर में होने वाले आंदोलन को सोशल मीडिया के जरिए पुलिस कर्मियों और उनके परिवार के सदस्यों तक भेज रहा था। फेसबुक और वाट्सएप पर बर्खास्त आरक्षक राकेश यादव के साथ मिलकर पुलिस सुधार नाम से ग्रुप बनाकर लगातार आंदोलन में शामिल होने और पुलिस परिवार को भड़काने का काम कर रहा था। पुलिस सुधार वाट्सएप गु्रप का एडमिन राकेश और रोहणी लोनिया हैं। अधिकारियों ने उसे नोटिस जारी कर जवाब मांगा था, लेकिन रोहणी अधिकारियों की बातें सुनने को तैयार नहीं था। 22 जून को बिलासपुर में होने वाले आंदोलन के एक दिन पूर्व एसपी आरिफ एच शेख ने संविधान की कंडिका 311 के खंड 2 के तहत आरक्षक रोहिणी लोनिया को बर्खास्त तथा आशीष राठौर व अभिजीत पाण्डेय को लाइन अटैच कर दिया।
2 आरक्षक हुए लाइन अटैच : एसपी आरिफ एच शेख और अन्य पुलिस अधिकारी पुलिस परिवार आंदोलन करने वाले परिवार के सदस्यों और पुलिस कर्मियों को लगातार समझाइश दे रहे हैं। नोटिस जारी करने के साथ -साथ आंदोलन व प्रदर्शन करने पर कार्रवाई की भी चेतावनी दी जा रही है। अधिकारियों ने गोपनीय जानकारियां विभाग के कर्मचारियों को दे रहे थे। साथ ही जिन पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई होने थी उनके नाम संबंधित व्यक्तियों को गोपनीय जानकारियां पहुंचा रहे थे। दोनों आरक्षकों को एसपी ने लाइन अटैच कर दिया है।
नहीं माने तो कार्रवाई : एसपी आरिफ एच शेख के अनुसार प्रदर्शन करने वाले परिवारों की काउंसिलिंग जारी है। अधिकारी समझाइश देने के साथ प्रदर्शन को अवैधानिक बताकर नियमों और कार्रवाई की जानकारी भी दे रहे हैं। इसके बाद भी यदि परिवार के सदस्य प्रदर्शन करते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। नेहरू चौक पर पहले से ही धारा 144 लागू हैं। वहां पुलिस परिवार के सदस्य प्रदर्शन करने जाएंगे तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
ये हैं 13 सूत्रीय मांगें : 1.राज्य के सभी तृतीय वर्ग पुलिस कर्मचारी के परिजनों के वेतन और भत्ते केंद्र सरकार के तृतीय वर्ग कर्मचारियों की तरह हो। 2.राज्य के सभी तृतीय वर्ग पुलिस कर्मचारियों के आवास की समुचित व्यवस्था बल के अनुसार किया जाए। 3. शासकीय कार्य के लिए दिया जा रहा पेट्रोल भत्ता मात्र 13 रुपए है, जिसे सायकल भत्ता के रूप में दिया जाता है। जमाना बदल गया है। पेट्रोल भत्ता कम से कम 2000 रुपए दिया जाए। 4. पुलिस किट व्यवस्था को मध्यप्रदेश की तरह बंद कर किट भत्ता दिया जाए। 5. ड्यूटी के दौरान मरने वाले कर्मचारियों को शहीद का दर्जा दिया जाए। मध्यप्रदेश की तरह 1 करोड़ रुपए की सहायता राशि दी जाए। परिवार के 1 सदस्य को अनुकम्पा नियुक्ति दी जाए। 6. अवकाश की पात्रता को अन्य विभागों की तरह अनिवार्य किया जाए। सप्ताह में एक दिन छुट्टी अनिवार्य रूप से दी जाए। 7. शासन अन्य विभागों की तरह राज्य के तृतीय वर्ग पुलिस कर्मचारियों के परिवार को मुफ्त इलाज की सुविधा दे। 8.अन्य विभागों की तरह पुलिस ड्यूटी का समय 8 घंटे किया जाए। निर्धारित समय से ज्यादा कार्य लेने पर अतिरिक्त भुगतान दिया जाए। 9. नक्सल प्रभावित जिलों में तैनात बल को उच्च मानक की सुरक्षा उपकरण जैसे बुलेट पू्रफ जैकेट और अत्याधुनिक हथियार की सुविधा हो। 10. 10वर्ष की सेवा पूर्ण कर चुके सिपाहियों को प्रमोशन दिया जाए। 11. वर्दी अलावंस वर्तमान मात्र 5 रुपए दिया जाता है, उसे बढ़ाया जाए।12. वर्तमान में मकान किराया भत्ता 687 रुपए दिया जाता है। इसे बढ़ाकर कम से कम तीन हजार से चार हजार किया जाए।13. पोष्टिक आहार भत्ता को बढ़ाकर 200 रुपए किया जाए।
Updated on:
22 Jun 2018 05:32 pm
Published on:
22 Jun 2018 02:43 am
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