
सेल का पिछले साल से उत्पादन तो बढ़ा पर बोनस घटा, फार्मूला रद्द करने की मांग
भिलाई। CG News : बोनस के मामले को लेकर सीटू की बैठक शुक्रवार को हुई। इसमें बताया गया कि बोनस को लेकर एनजेसीएस की बैठक 17 अक्टूबर को बेनतीजा रहने के बाद सीटू की अखिल भारतीय कार्यकारिणी की जूम मीटिंग 20 अक्टूबर को हुई। इसमें फैसला लिया गया कि सीटू कर्मियों के बीच जाकर छोटी-छोटी बैठक कर कर्मियों से फीडबैक लेकर, हकीकत से अवगत करवाएं। इस बीच 23000 रुपए प्रबंधन व यूनियनों के बीच सहमति नहीं बनने के बावजूद प्रबंधन ने एक तरफा निर्णय लेकर कर्मियों के बैंक खाते में डाल दिया। अब 8 फरवरी 2023 को बहुमत के आधार पर बनाए गए बोनस फार्मूला को, सभी यूनियनों ने संयुक्त रूप से रद्द करने व पिछले साल से ज्यादा बोनस देने मांग की है।
बोनस को घटाया प्रबंधन में
सीटू के पदाधिकारी ने बताया कि 2021-22 का टर्नओवर 102805 करोड़ था जो 2022-23 में बढक़र 103768 करोड़ हो गया। वहीं उत्पादन पर नजर डाले, तो पाते हैं कि 2021-22 की तुलना में 2022-23 में हॉट मेटल 18.71 मिलियन टन से बढक़र 19.4 मिलियन टन, क्रूड स्टील 17.37 मिलियन टन से बढक़र 18.29 मिलियन टन व सिलेबल स्टील 16.89 मिलियन टन से बढक़र 17.24 मिलियन टन हो गया।
लेबर प्रोडक्टिविटी भी बढ़ी
लेबर प्रोडक्टिविटी 474 टन प्रति व्यक्ति प्रतिवर्ष से बढक़र 589 टन प्रति व्यक्ति प्रतिवर्ष हो गई। प्रति व्यक्ति प्रतिवर्ष उत्पादन में उत्तरोत्तर बढ़ोतरी हुई है। इसके बाद भी बोनस में जबरदस्त गिरावट आई है। तुलनात्मक रूप से देखा जाए, तो पिछले साल की तुलना में हॉट मेटल के उत्पादन में जहां 0.69 मिलियन टन की बढ़ोतरी हुई है, वहीं इस साल प्रबंधन ने एक तरफा निर्णय लेकर बोनस के मद में कर्मियों के खाते में डाली गई राशि 23000 रुपए है, जो पिछले साल बोनस के मद में मिली राशि 40500 रुपए के तुलना में 17500 कम है, जो किसी भी हाल में मंजूर नहीं है।
मार्केट पर निर्भर करता है मुनाफा या घाटा
सीटू नेता ने बताया कि सेल प्रबंधन जिस घाटे की बात कर रहा है, वह सब मार्केट पर निर्भर करता है। आयरन ओर, डोलोमाइट, कोल से लेकर बिजली तक किसी का भी दाम बढऩे पर बनने वाले लोह उत्पादन का दाम बढ़ जाता है। इसके साथ मार्केट में लोह उत्पादन का दाम भी ऊपर नीचे होता रहता है। इससे मुनाफे पर भारी असर पड़ता है। मार्केट देखने का काम प्रबंधन करता है। इसमें मजदूरों की कोई भागीदारी नहीं होती, मजदूर केवल संयंत्र के अंदर उत्पादन करता है। इसीलिए सीटू हमेशा से ही उत्पादन पर आधारित बोनस का पक्षधर रहा है। जब भी कर्मियों को उनके हक का पैसा देने की बात आती है। प्रबंधन संयंत्र में बढ़ रहे उत्पादन के बजाय मुनाफा या घाटा का आंकड़ा पेश करने लगता है।
हर कर्मी को मिलना था 43000 रुपए
यूनियन के जगन्नाथ प्रसाद त्रिवेदी के मुताबिक वित्त वर्ष 2021-22 में सेल में 51677 कर्मी कार्यरत थे, जो वित्त वर्ष 2022-23 में घटकर 47418 रह गए हैं। एक साल में सेल से सेवानिवृत हुए कर्मियों की संख्या 4259 है। पिछले बार प्रबंधन ने 51677 कर्मियों को 205 करोड़ रूपया बोनस के रूप में बांटा था। वही 205 करोड़ रुपए इस बार 47418 कर्मियों के बीच बाटा जाए, तो प्रत्येक कर्मी को 43000 रुपए से ज्यादा बोनस प्राप्त होगा। पिछली बार ट्रेनी कर्मियों को 32100 बोनस दिया गया था, जो इस साल 18063 रुपए दिए हैं।
Published on:
28 Oct 2023 10:13 am
बड़ी खबरें
View Allबिलासपुर
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
