डीएलएड डिप्लोमाधारकों ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में याचिका दायर कर सहायक शिक्षक के पद पर बीएड डिग्रीधारकों की नियुक्ति को अवैध ठहराने की मांग की थी। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि प्राथमिक स्कूल के बच्चों के लिए डीएलएड डिप्लोमाधारी ही योग्य हैं। हाईस्कूल और हायर सेकंडरी स्कूल के बच्चों के अध्ययन अध्यापन के लिए बीएड डिग्रीधारकों का चयन किया जाता है।