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बिलासपुर

ट्रीटमेंट प्लांट से अब तक नहीं जुड़ी सीवर लाइन

बिलासपुर. नगर निगम में सीवरेज परियोजना के तहत वर्ष 2010 से कोलकाता की सिम्प्लेक्स कंपनी पाइप लाइन बिछाने का काम शहर में कर रही है। 3 वर्ष में पूरी होने वाली परियोजना 13 वर्ष बाद भी अधूरी है। दिखावे के लिए ठेका कंपनी ने ट्रीटमेंट प्लांट की पाइप लाइन को नालियों से जोडक़र नालियों का पानी ट्रीटमेंट कर नदी में छोड़ रहे हैं। वहीं सीवर लाइन ट्रीटमेंट प्लांट से आज तक नहीं जुड़ पाया है। इसके बाद भी कागजों में सीवर लाइन से निकलने वाले दूषित जल को ट्रीटमेंट करने के दावे किए जा रहे हैंं।

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नगर निगम में सीवरेज परियोजना पर 13 साल से काम चल रहा है। शहर में बिछाई गई 267 किलोमीटर की सीवर लाइन की एक बार भी हाइड्रोलिक टेस्टिंग नहीं हुई है। परियोजना पर आज भी ठेका कंपनी सिम्प्लेक्स काम कर ही है। सीवर लाइन से निकलने वाले दूषित जल का ट्रीटमेंट करने का काम निगम ने जीयोमिलर कंपनी को दिया था। कंपनी ने चिल्हाटी और दोमुहानी बूटापारा में दो अलग-अलग सीवरेज ट्रीटमेंट की स्थापना की है। वर्तमान में दोनों ट्रीटमेंट प्लांट से सीवर लाइन को नहीं जोड़ा गया है, लेकिन ठेका कंपनी जीयोमिलर ने नालियों का पानी पाइप के जरिए चिल्हाटी प्लांट में लाकर उसे फिल्टर करने के बाद नदी में छोड़ रहे हैं। इस काम को निगम और ठेका कंपनी के अधिकारी सीवर लाइन का काम बता इसकी जानकारी केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय को अब तक भेजी है।

प्लांट में सिर्फ पाउच और कचरा, खाद का पता नहीं
चिल्हाटी प्लांट में सीवर से पहुंचने वाला कचरा और दूषित जल को अलग-अलग करने के लिए दो यूनिट हैं। कचरे को रिसाइकिल करने के बाद उससे खाद बनाने और दूषित जल को उपचारित करने के बाद उसे नदी में छोडऩे का प्लान है। प्लांट में लगी मशीनों में सिर्फ नालियों में बहने वाले कैरीबैग,सिंगल यूज प्लास्टिक, गुटखा की प्लास्टिक ही निकल रही है।

कर्मचारियों को पता नहीं पानी कहां से आ रहा
प्लांट के कर्मचारी रामप्रसाद कैवर्त ने बताया कि वे प्लांट में पिछले 10 साल से काम कर रहे हैं। उन्हें पानी को फिल्टर करने के बाद नदी में छोडऩे का काम दिया गया है। प्लांट में पानी कहां से आता है, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है।

जलशक्ति मंत्रालय ने मांगी एसटीपी की प्रगति रिपोर्ट
जलशक्ति मंत्रालय ने नगरीय निकायों से एसटीपी यानि सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के प्रगति की जानकारी मांगी है। इससे पहले निगम की ओर से भेजी गई रिपोर्ट में भी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से शहर का घरेलू दूषित जल ट्रीटमेंट कर नदी में छोडऩे की जानकारी भेजी गई थी।
सीवरेज परियोजना के लिए बिछाई गई पाइप लाइन जगह-जगह बैठ गई हैं, इसलिए सेफ्टिक टैंक से उसे जोड़ा नहीं जा सका है। इसे सुधारने का काम जारी है। प्लांट में नालियों का पानी ट्रीटमेंट करने की जानकारी नहीं है। जल्द ही जर्जर पाइप लाइन को दुरुस्त कर इसे प्लांट से कनेक्टर किया जाएगा।
शेख नजीरुद्दीन, अध्यक्ष नगर निगम, बिलासपुर