
Coronavirus: गुजरात में 395 नए कोरोना पॉजिटिव मरीज, मामला 12 हजार पार
बिलासपुर। कोरोना के लक्षण दिखने के बाद इलाज के लिए लाए गए श्रमिक की शुक्रवार की सुबह सिम्स में मौत हो गई। शनिवार को दिनभर मृतक के शव के लिए परिजन सिम्स के डाक्टरों का चक्कर काटते रहे। वहीं शाम को रिपार्ट आने के बाद सिम्स प्रबंधन ने राहत की सांस ली। और आनन फानन में शव परिजन को सौंप दिया गया है। सिम्स चौकी से मिली जानकारी के अनुसार 2० मई को मस्तुरी ब्लाक के क्वारंटाइन सेंटर में पुणे से लौटे एक युवक की तबीयत बिगड़ गई थी जिसके चलते उसे सिम्स में भर्ती कराया गया था। 22 मई की सुबह 8 बजे उसकी मौत हो गई। सिम्स प्रबंधन ने कोरोना वार्ड से शव निकालकर उसे मरच्यूरी में रख दिया गया। मृतक के परिजन शव के लिए दिनभर डाक्टरों के आगे पीछे भटकते रहे। सिम्स के डाक्टर मृतक के परिजन को रिपोर्टआने के बाद ही शव देने की बात कही थी। सिम्स कोरोना वार्ड के प्रभारी डाक्टर आरती पाण्डेय ने बताया मृतक की रिपोर्ट शाम पांच बजेआई है। इसके बाद उनके परिजन को शव को सौंप दिया गया है। संदेही का शव होने से कर्मचारी डरते रहे सिम्स के शवगृह में मुंगेली के कोरोना संदेही श्रमिक की मौत के बाद उसके शव को फ्रिजर के बॉक्स क्रमांक 1 में पॉलिथीन में लपेटकर रखा गया है। शवगृह में डयूटी करने वाले कर्मचारी भी डर रहे हैं कि उनके उपर भी संक्रमण न फैल जाए। इसके अलावा रोजाना पोस्टमार्टम के लिए पंचनामा करने वाले पुलिसकर्मी भी संक्रमण के डर से शवगृह के बाहर बने कमरे में नहीं बैठ रहे हैं। मस्तुरी क्वारटाइन सेंटर से इलाज के लिए लाए गए श्रमिक की रिपोर्ट निगेटीव आई है। मृतक के शव को उनके परिजन को सौंप दिया गया है। डॉ. आरती पांडे पीआरओं सिम्स
Published on:
24 May 2020, 10:11 AM IST
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