
Swaha Lakh lateral Shivling ready in 11 days
बिलासपुर/रतनपुर. श्री सिद्ध तंत्र पीठ भैरव मंदिर रतनपुर में श्रवण माह इस बार 5 लाख पार्थिव शिवलिंग का निर्माण किया रहा है। प्रदेश भर से श्रद्धालु यहां पहुंच कर अपनी कामनाओं की सिद्धि के लिए शिव भक्त मंदिर परिसर में पार्थिव शिवलिंग बना रहे है। अब तक सवा लाख शिवलिंग बनाया जा चुका है।
4 जुलाई से सावन माह प्रारंभ हुआ है, जो 29 अगस्त तक चलेगा। भैरव बाबा मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित जागेश्वर अवस्थी ने बताया कि 29 अगस्त त्रयोदशी तिथि दिन मंगलवार को पारद स्फटिक से बने शिवलिंग एवं 5 लाख मिट्टी से पार्थिव शिव ***** का एक साथ महा अभिषेक किया जाएगा। इसका उद्देश्य विश्व कल्याण एवं जन कल्याण की कामना है। उन्होंने बताया कि पार्थिव शिवलिंग के अभिषेक में बड़ी सख्या में शिवभक्त शामिल होने हर वर्ष पहुंचते हैं। ५ लाख की संख्या में पार्थिव शिवलिंग भैरव मंदिर में पहली बार बन रहा है। इससे पहले सवा लाख पार्थिव शिवलिंग का निर्माण व अभिषेक किया जाता था। लेकिन इस बार दो सावन पुरुषोत्तम मास होने के कारण 5 लाख पार्थिव शिवलिंग निर्माण किया जा रहा है। शिव महापुराण में पार्थिव शिवलिंग निर्माण का विशेष महत्व है।
प्रतिदिन रुद्राभिषेक
सिद्ध तंत्र पीठ भैरव बाबा मंदिर परिसर में रुद्राष्टाध्याई के विशेष मंत्रों से नमक चमक विधान के साथ आचार्य गिरधारी लाल पाण्डेय के द्वारा अभिषेक कराया जा रहा है। उनके सहयोगी के रूप में पं दिलीप दुबे, पं राजेद्र दुबे, पं महेश्वर पांडेय, पं कान्हा तिवारी, पं दीपक अवस्थी, पं राजेंद्र तिवारी रवि ताम्बेली आयोजन को सफल बनाने में जुटे हुए हैं।
पीताम्बरा पीठ में आज भक्ति भजन संध्या का होगा आयोजन
बिलासपुर ञ्च पत्रिका. श्रावण मास में श्री पीताम्बरा पीठ सुभाष चौक सरकंडा स्थित त्रिदेव मंदिर में श्री शारदेश्वर पारदेश्वर महादेव का श्री महारूद्राभिषेकात्मक महायज्ञ 4 जुलाई से लगातार हो रहा है। शनिवार को प्रात: कालीन पूजा मेंं नवल कसेर, ऊषा कसेर, कु.प्रार्थना कसेर, नितिन कसेर उपस्थित थे। शनि प्रदोष पूजा सायंकालीन 4.30 बजे से प्रारंभ हुआ। इसमें हर्ष मिश्रा, किशोरी लाल मिश्रा पुस्तकालय बिलासपुर उपस्थित थे। रविवार को संध्या 5 बजे से बाबाधाम देवघर से पधारे हुए कलाकार अजीत, मनोज के द्वारा भक्ति भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा। इसके साथ मंदिर में 27 नवंबर तक श्री पीतांबरा हवनात्मक महायज्ञ भी चल रहा है, जिसमें 36 लाख आहुति दी जाएगी। पीठाधीश्वर आचार्य दिनेश ने बताया कि शास्त्रों में बताया गया है कि वर्षा हेतु जल से, पशु हेतु दधि से, धन हेतु मधु से, पुत्र हेतु गौ दुग्ध से, व्याधि शांति हेतु कुश जल में, लक्ष्मी हेतु ईख(गन्ना) के रस से, मोक्ष हेतु तीर्थ जल जैसे अनेक प्रकार से अभिषेक किया जाता है।
Published on:
16 Jul 2023 12:14 am
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