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हाईकोर्ट ने कहा-3 सप्ताह में अधूरे 14 काम निपटाएं अन्यथा…

शुक्रवार को मामले की सुनवाई के दौरान अधिकारियों ने हाईकोर्ट को बताया कि अधूरे कार्यों को पूरे करने में अभी कम से कम तीन सप्ताह लगेंगे।

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हाईकोर्ट ने कहा-3 सप्ताह में अधूरे 14 काम निपटाएं अन्यथा...

बिलासपुर. चकरभाठा एयरपोर्ट से हवाई सेवा शुरू करने के लिए स्थानीय प्रशासन सहित सिविल एविएशन ने ऐड़ी चोटी का जोर लगा दिया है, लेकिन कुछ न कुछ तकनीकी दिक्कतों के कारण सफलता नहीं मिल पा रही है। 17 सितंबर को हाईकोर्ट ने सभी अधूरे काम पूरे करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद अभी तक सिविल विभाग के 14 काम बचे हुए हैं। शुक्रवार को मामले की सुनवाई के दौरान अधिकारियों ने हाईकोर्ट को बताया कि अधूरे कार्यों को पूरे करने में अभी कम से कम तीन सप्ताह लगेंगे।

चकरभाठा से विमान सेवा शुरू होने में आए दिन की लेट-लतीफी से नाराज हाईकोर्ट ने सिविल एविएशन डिपार्टमेंट, एयरपोर्ट अथॉरिटी व बिलासपुर कलेक्टर को साफ शब्दों मे कहा, यदि डीजीसीए के बताए गए अधूरे काम अगले तीन सप्ताह में पूरे नहीं किए गए तो सभी विभाग के उच्चाधिकारियों को तलब करके जवाब मांगा जाएगा। ज्ञात हो कि राज्य शासन, एयरपोर्ट अथॉरिटी व सिविल एविएशन हाईकोर्ट में दो बार जवाब प्रस्तुत कर हवाई सेवा शुरू करने का आश्वासन दे चुके हैं। पहली बार तत्कालीन सीजे टीबी राधाकृष्ण के युगलपीठ में दिसंबर 2017 में ये कहा गया था कि सभी काम लगभग पूरे हो चुके हैं। 1 जनवरी 2018 से हवाई सेवा शुरू कर दी जाएगी। शासन के आश्वासन पर कोर्ट ने आमजनों को आश्वस्त किया था कि नए वर्ष के तोहफे के तौर पर हवाई सेवा की सौगात मिलेगी। लेकिन मामला टांय-टांय फिस्स हो गया। दूसरी बार 15 अगस्त से हवाई सेवा शुरू किए जाने का आश्वासन दिया गया।

लेकिन अबकी बार मामला लाइसेंस के चक्कर में फंस गया। डीजीसीए ने 29 का अधूरे होने की बात कहते हुए लाइसेंस देने से साफ इनकार कर दिया। अभी भी हवाई सेवा शुरू होने का मामला अधूरे काम व लाइसेंस को लेकर ही फंसा हुआ है। प्रशासन के मुताबिक 29 में से 15 काम तो पूरे कर लिए गए हैं, लेकिन 14 काम होने अभी भी बाकी हैं। शुक्रवार को सीजे अजय कुमार त्रिपाठी की युगलपीठ में उपस्थित होकर अधिकारियों ने डीजीसीए के बताए 29 कामों को तीन सप्ताह में पूरा किए जाने का आश्वासन दिया है। इस पर सीजे ने कहा कि अगर इन कमियों को तीन सप्ताह में दूर नहीं किया गया तो सभी विभाग के अधिकारियों को तलब करेंगे। युगलपीठ ने ये भी कहा कि ऐसी जानकारी मिली है कि 1 नवंबर से हवाई सेवा की शुरुआत किए जाने की योजना थी, उसका क्या हुआ। इसी तरह हर सुनवाई में अधूरे कामों की लिस्ट दी जाएगी तो आखिर हवाई सेवा शुरू कब होगी।

स्टेट व सेंट्रल के कई दफ्तर होने पर मांगी गई इंटर स्टेट सेवा : ज्ञात हो कि चकरभाठा से विमान सेवा को लेकर पत्रकार कमल दुबे व हाईकोर्ट प्रैक्टिसिंग बार एसोसिएशन ने जनहित याचिका लगाई है। इसमें कहा गया है कि बिलासपुर में एसईसीएल, एसईसीआर. हाईकोर्ट, एनटीपीसी, रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज समेत कई महत्वपूर्ण ऑफिस हैं। यहां हाईकोर्ट होने के कारण कई बड़े एडवोकेट मामले की पैरवी के लिए आते रहते हैं। लेकिन एयरपोर्ट नहीं होने के कारण उनका फ्रिक्वेंट विजिट प्रभावित होता है। रायपुर से बिलासपुर आने-जाने में ही उनके घंटों बरबाद हो जाते हैं। साथ ही व्यापार का बडा केंद्र होने के कारण व्यापारियों व कारोबारियों का बड़े शहरों में आना-जाना लगा रहता है। इसलिए इंटरस्टेट विमान सेवा की सुविधा चकरभाठा से होनी चाहिए। हाईकोर्ट ने मामले की आगामी सुनवाई राज्य के स्थापना दिवस 1 नवंबर को तय की है। अगर शासन और एयरपोर्ट अथॉरिटी इस दिन अधूरे काम पूरे नहीं कर सका, तो ऐन चुनावी माहौल के समय बड़े अधिकारियों की हाईकोर्ट में पेशी हो जाएगी।

17 सितंबर को डीजीसीए ने 29 कामों को बताया था अपूर्ण : 17 सितंबर को मामले की सुनवाई के दौरान डीजीसीए ने सिविल एवं अन्य 29 कमियां बताते हुए लाइसेंस देने में असमर्थता जताई थी। डीजीसीए ने कोर्ट के समक्ष अपना जवाब प्रस्तुत कर कहा था कि हवाई सेवा के लिए लाइसेंस तब तक जारी नहीं किया जा सकता, जब तक पूर्व में बताई गई 29 कमियों को दूर नहीं किया जाता। हालांकि 15 कामों को पूरा किए जाने का दावा तो किया गया है, लेकिन 14 काम अभी भी अधूरे हैं।

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