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Teacher’s Day: कलयुग में भी हैं एकलव्य जैसे शिष्य, अपने गुरु को 22 साल से दे रहे गुरु दक्षिणा

Teacher's Day: 22 साल पहले बने इस गुरु के लिए अब तक कर रहे ये नेक काम, दो छात्र बने शिक्षक और एक एबीओ के पद पर है कार्यरत    

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Teacher's Day: कलयुग में भी हैं एकलव्य जैसे शिष्य, अपने गुरु को 22 साल से दे रहे गुरु दक्षिणा

Teacher's Day: कलयुग में भी हैं एकलव्य जैसे शिष्य, अपने गुरु को 22 साल से दे रहे गुरु दक्षिणा

बिलासपुर. (Teacher's Day) शिक्षक एक ऐसी हवा हैं जो जिस दिशा में चल पड़े उस ओर समाज में नया बदलाव आने लगता है। इसीलिए तो गुरु को भगवान से भी बढ़कर माना गया है। मुंगेली जिला में रहने वाले शिक्षक अर्जुन देवांगन ने बताया कि सन् 1974 में मैं मेट्रिक की पढ़ाई कर रहा था। मेरे पड़ोस में रहने वाले शिक्षक नीलकंठ शर्मा मुझे मुफ्त में ट्यूशन पढ़ाया करते थे। परिणाम यह हुआ कि उस वर्ष पूरे स्कूल में टॉप किया।

शिक्षक बनने के लिए परीक्षा में शामिल हुआ, जिसमें पहले ही प्रयास में सेलेक्शन हो गया। कॉलेज की पढ़ाई करने पूरी करने के उद्देश्य से मैंने नौकरी ज्वाइन न करने का मन बना लिया था, लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण मजबूरी में मुझे नौकरी करनी पड़ी। जिसमें मेरी पहली पोस्टिंग बेलगहना स्थित ग्राम कोंचरा में हुई। वहां पर मैंने देखा कि आदिवासी बच्चों का शिक्षा से कोई लेना-देना नहीं हैं। उन्हें शिक्षा से वाकिफ कराने और अपने गुरु का कर्ज उतरने के उद्देश्य से उन्हें रोजाना क्लास समाप्त होने के बाद ट्यूशन पढ़ाने लगा। धीरे-धीरे बच्चे पढ़ाई के प्रति गंभीर होने। जिससे मुझे भी उन्हें शिक्षित कराना अच्छा लगने लगा। इस दौरान मेरी पोस्टिंग अलग-अलग स्कूल में होने लगी। यह सिलसिला लगभग 22 वर्षों तक चला। आज उसमें से दो बच्चे शिक्षक बनकर बच्चों को पढ़ा रहे हैं तथा एक छात्र कोटा में एबीओ के पद पर कार्यरत हैं।

उत्कृष्ठ शिक्षक का मिल चुका है सम्मान
शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ठ कार्य करने पर 26 जनवरी 2018 में मुंगेली विधायक पुन्नूलाल मोहले ने पुरस्कार देकर सम्मानित किया था। इसके अलावा सन् 2011 में जनगणना कार्य करने उन्हें रायपुर में पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह द्वारा पुरस्कार देकर सम्मानित किया जा चुका है। सन् 2018 में रिटायरमेंट होने के बाद आज भी गांव के लोगों और बच्चों को शिक्षा प्रति जागरूक करने का बीड़ा उठाए हुए हैं तथा उन्हें शिक्षा के महत्व से अवगत कराते हैं।