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ज्ञात-अज्ञात आत्माओं को मुक्ति दिलाने की अनोखी पहल, पढ़िए पूरा !

सरकण्डा मुक्तिधाम के पास श्रीमद भागवत

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बिलासपुर . अपने मृत परिजनों के आत्मा की मोक्ष की कामना से तो हर व्यक्ति भागवत कथा कराता है और उनके आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करता है, लेकिन अज्ञात लोगों की मृत्यु होने पर उनका सही तरह से अंतिम संस्कार ही हो जाए तो वह बहुत बड़ी बात होती है। ऐसे में सरकण्डा क्षेत्र के मित्र मंडली ने अच्छी पहल करते हुए ज्ञात-अज्ञात दिवंगत आत्माओं की मोक्ष के लिए श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन सरकण्डा मुक्तिधाम के पास ही किया है, जिसके माध्यम से मोक्ष की कामना की जाएगी। ऐसा पहली बार हो रहा है जब इस तरह का आयोजन किया जा रहा है। अक्सर देखा गया है जब भी परिवार में किसी की मृत्यु होती है, उसके वार्षिक श्राद्ध पर मृत आत्मा के मोक्ष की प्राप्ति के लिए श्रीमद् भागवत महापुराण का आयोजन कर कथा श्रवण किया जाता है। लेकिन अब श्रीमद् भागवत कथा श्रवण के लिए कोई तिथि व समय तय नहीं है, व्यक्ति की जब इच्छा हो तब कथा कराते हैं। इसी के अंतर्गत सरकण्डा क्षेत्र के मित्र मंडली ने ज्ञात-अज्ञात व दिवंगत आत्माओं के मोक्ष के लिए श्रीमद् भागवत कथा पुराण का कार्यक्रम करा रहे हैं। अब आठ दिनों तक भागवत कथा के माध्यम से मोक्ष की कामना करते हुए लोग कथा का श्रवण करने पहुंचेंगे।

निकाली गई भव्य कलश यात्रा - कार्यक्रम की शुरुआत रविवार को भव्य कलश यात्रा के साथ हुई है। दोपहर में बाजे-गाजे के साथ भव्य कलश यात्रा सरकण्डा क्षेत्र मुक्तिधाम के पास कथा स्थल से शुरू हुई, जो मुक्तिधाम चौक, सरकण्डा स्टेट बैंक, सीपत चौक, नूतन चौक, बंगालीपारा होते हुए वापस कथा स्थल पहुंची। शोभायात्रा में महिलाएं पांरपरिक पीले रंग के परिधान पहनकर शामिल हुईं। सभी ने आशीर्वाद स्वरूपी कलश को सिर पर रखकर भजन-कीर्तन करते हुए प्रभु से सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान जीवंत झांकी आकर्षण की केन्द्र रही। श्रीकृष्ण भगवान की झांकी देखकर लोग आनंदित हुए। इस अवसर पर बड़ी संख्या में महिलाएं व श्रद्धालु उपस्थित रहे।

पहली बार हो रहा आयोजन - सरकंडा क्षेत्र में श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन तो बहुत बार हुआ है, लेकिन मुक्तिधाम में ऐसा आयोजन पहली बार हुआ है। मित्र मंडली के सदस्यों ने बताया कि बहुत से लोग हैं जो अपने मृत परिजनों के लिए भागवत कराना चाहते हैं, लेकिन धन के अभाव में नहीं करा पाते हैं। उन लोगों के लिए भी इस कार्यक्रम के माध्यम से मोक्ष की कामना की जाएगी।

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