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सरकारी नल तो लग गया लेकिन जल नहीं आता साहब…घबराइए मत, ये अरब का रेगिस्तान नहीं, गौरेला का गांव है

ग्रामीण जल जीवन मिशन के तहत हर घर मुफ्त नल कनेक्शन देने की सरकार की योजना ठेकेदार एवं अधिकारियों की लापरवाही और उदासीनता के कारण साकार नहीं हो पा रही है।

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Jal Jeevan Mission Gourela

Jal Jeevan Mission ka haal behaal

असद सिद्दकी@ पत्रिका
गौरेला ग्रामीण जल जीवन मिशन के तहत हर घर मुफ्त नल कनेक्शन देने की सरकार की योजना ठेकेदार एवं अधिकारियों की लापरवाही और उदासीनता के कारण साकार नहीं हो पा रही है। आलम यह है कि जिन घरों में नल कनेक्शन लगाए गए हैं उनमें अधिकांश में पानी आना तो दूर पानी की बूंद तक नहीं टपक रही है और जिनमें पानी आ भी रहा है तो उसकी धार इतनी कम है कि बाल्टी भरने में काफी समय लग रहा है।पानी की यह समस्या चिलचिलाती धूप एवं लू के थपेड़ों के बीच और भी ज्यादा विकराल हो गई है। इसे लेकर ग्रामवासी परेशान है तथा उन्हें पानी के लिए यहां-वहां भटकना पड़ रहा है। ग्रामवासी पूछ रहे हैं कि सरकार ने मुफ्त का नल तो लगवा दिया है पर इस नल में जल कब आएगा ?
ग्रामीण जल जीवन मिशन के तहत गांवों के मजरा, टोला एवं पारा के घरों में दिए जा रहे नलों में पानी की सप्लाई वहां लोहे के टावर बनाकर उसके ऊपर दो प्लास्टिक की टंकियां रखकर किया जा रहा है। इन टंकियों को भरने के लिए हैंडपंप को स्रोत बनाया गया है। जानकारी के अनुसार अप्रैल माह से ही जल का स्तर गिरने लगता है और अधिकांश हैंडपंप में अतिरिक्त पाइप की आवश्यकता पड़ती है। ऐसे में इन हैंडपंपों के सहारे नलों में पानी की सप्लाई हो पाएगी ?
गौरेला जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत सारबहरा में ग्रामीण जल जीवन मिशन की स्थिति काफी चिंताजनक है। यहां पौने 2 साल बाद भी नल लगाने का काम पूरा नहीं हो पाया है। इस दौरान एक ठेकेदार काम छोडक़र भाग गया है। जिसे प्रशासन ने ब्लैक लिस्ट कर दिया है। जबकि दूसरा ठेकेदार जो काम कर रहा है, उसकी भी रफ्तार "नौ दिन चले, अढ़ाई कोस" के जैसी है। यहां बहेलिया टोला में जिन घरों में नल लगाए गए हैं, उनमें आधिकांश की टोटियां सूखी पड़ी हैं। यहां ठेकेदार ने पीएचई से बिल पास कराने लोगों से आधार कार्ड लेकर उनके घरों के सामने आनन-फानन में प्लेटफार्म बनवाकर नल लगवा दिया है तो कई घरों के सामने में सिर्फ कनेक्शन पाइप लाकर छोड़ दिया है। आक्रोशित ग्रामवासियों का कहना है कि उन्हें पहले हैंडपंप से पानी मिल रहा था लेकिन उसका कनेक्शन टंकी में कर दिए जाने से वे हैंडपंप की सुविधा से वंचित हो गए हैं। ग्रामवासियों ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि चुनाव से पहले नलों में पानी नहीं आया तो वह इसे तोडक़र फेंक देंगे।

योजना एक, विभाग दो....इसलिए समाधान में देरी
ग्रामीण जल जीवन मिशन के तहत हर घर में लग रहे मुफ्त के नल कनेक्शन का काम 2 विभागों की देखरेख में हो रहा है। पाइप बिछाने एवं नल लगाने का काम ग्रामीण विभाग के ठेकेदार द्वारा कराया जा रहा है, जबकि लोहे का टॉवर खड़ा कर उसमें प्लास्टिक की टंकी रखने का काम क्रेड़ा विभाग के ठेकेदार कर रहा है। दो विभागों की एंट्री से इस मिशन को पलीता लग रहा है। अव्यवस्था की जिम्मेदारी को सीधे तौर पर लेने से दोनों ही विभाग बचते हैं। सारबहरा के बहेलिया टोला में रखी टंकी का सप्लाई पाइप लाइन 9 माह से फूटा हुआ है, लेकिन उसे बनाने दोनों विभाग टालमटोल का रवैया अपनाए हुए हैं। ऐसे में ग्रामवासी टंकी के सप्लाई वाल्व को खोलकर पानी ले रहे हैं, जो दूषित है। इससे उनमें पीलिया, डायरिया जैसी बीमारी का खतरा बढ़ गया है। इससे ४ माह पूर्व पंप बोर में गिर जाने के कारण भी महीने भर तक ग्रामवासियों को जल संकट से जूझना पड़ा था।
योजना से नहीं मिली राहत
सारबहरा के कुर्रीपारा में जल आवर्धन योजना के तहत करीब 7 साल पहले टंकी का निर्माण किया गया था। लेकिन तब से टंकी भरने के लिए यहां कई बोर कराए गए लेकिन अधिकांश बोर फेल होते चले गए। इस वर्ष इसी टंकी के पास संपवेल का निर्माण किया गया है। जिसमें छोटे बड़े विभिन्न बोरवेल के सहारे पानी पहुंचा कर इसकी सप्लाई टंकी में की जा रही है। फिर भी अधिकांश घरों तक पानी नहीं पहुंच रहा है।
सेमरा में त्राहिमाम...
पानी को लेकर ग्राम पंचायत सेमरा में भी है त्राहिमाम मचा हुआ है। रमजान के महीने से शुरू हुई पानी की यह समस्या अब तक बरकरार है। यहां पूर्व से जल आवर्धन योजना के तहत निर्मित टंकी से लोगों के घरों में पानी की सप्लाई हो रही थी। लेकिन इसमें बिछाई गई सीमेंट की पाइप लाइन को पुरानी और जर्जर बताकर यहां भी ग्रामीण जल जीवन मिशन के तहत पाइप लाइन बिछाने का काम शुरू किया गया। इससे पुराने कनेक्शन से मिल रहा पानी बंद हो गया। जबकि नए कनेक्शन से सप्लाई करा पाने में ठेकेदार दो माह बाद भी असफल है।
छर्रा...का खेल
नल कनेक्शन में पानी की रफ्तार धीमी होने की मुख्य वजह इसके कनेक्शन पॉइंट के सॉकिट में लगा वह छर्रा है जो इसमें टुल्लू पंप लगाने की इजाजत नहीं देता। यदि कोई इसमें टुल्लू पंप लगाकर पानी खींचना चाहेगा तो यह छर्रा कनेक्शन प्वाइंट के मुहाने में आकर पानी की सप्लाई को अवरुद्ध कर देगा।
देखते हैं...
पीएचई के ईई हों या एसडीओ या फिर इंजीनियर इतना ही कहते हैं देखते हैं, दिखवाते हैं। दुरुस्त करवाते हैं। लेकिन समस्या ज्यों की त्यों बनी है। ऐसे में2024 तक प्रत्येक घर में मुफ्त नल पहुंचाने का लक्ष्य कैसे पूरा होगा?