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निशांत पंसारी हत्याकांड: साल भर बीते फिर भी हत्यारे जेल की सलाखों से बाहर

बीटीपीएस निवासी मैनेजर के पिता से चल रहे एक पुराने भूमि विवाद के एंगल को भी खंगाला गया। यहां भी पुलिस को कोई सुराग नहीं मिल सका।

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Indresh Gupta

Dec 25, 2016

investigation

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बोकारो। जिले में साल भर पहले एक बैंक मैनेजर की हत्या मामले में अभी तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। पुलिस खाली लकीर ही पीट रही है। हालांकि बैंक मैनेजर निशांत पंसारी की मौत के बाद पुलिस ने पूरे घटनाक्रम की साजिश रचने के लिए व्यवसायी विकास को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। लेकिन कुछ माह बाद विकास को जमानत मिल गई। जिसके बाद से न तो विकास से शूटरों के बारे में पुलिस को जानकारी मिल सकी और न ही अपने बूते गोली दागनेवालों को पुलिस खोज सकी।

22 दिसंबर 15 को हुई थी हत्या

सेक्टर चार स्थित बैंक ऑफ इंडिया के जोनल मैनेजर पंसारी की हत्या 22 दिसंबर 15 को बाइक सवार दो अपराधियों ने गोली मारकर कर दी थी। मैनेजर घटना के दिन सेक्टर चार में दोस्तों की एक पार्टी में शामिल होकर सहकर्मी रितेश के साथ घर लौट रहे थे। आशालता विकलांग केन्द्र के पास बाइक सवार दो बदमाशों ने इन्हें रोका और बाइक में कार से टक्कर लगने की बात कहते हुए दो सौ रुपये देने की मांग की। नहीं देने पर मैनेजर को बदमाशों ने इन्हें गोली मार दी।

जानकारी के अनुसार पुलिस पहले लूट का मामला समझकर अनुसंधान में जुटी थी। जब इस बिंदु पर पुलिस को कोई सफलता नहीं मिली तो बीटीपीएस निवासी मैनेजर के पिता से चल रहे एक पुराने भूमि विवाद के एंगल को भी खंगाला गया। यहां भी पुलिस को कोई सुराग नहीं मिल सका।

पुलिस फाइल के अनुसार अनुसंधान में जुटी पुलिस को प्रेम प्रसंग का एंगल दिखा। कड़ियां जोड़ते हुए पुलिस निशांत की प्रेमिका तक पहुंची। पता लगा नौकरी के पहले निशांत बैंकिंग की तैयारी कराने वाली रांची के एक शिक्षण संस्थान में पढ़ाते थे। यहीं पढ़ने वाली एक युवती से उनका प्रेम हो गया।

निशांत की नौकरी लग गई। दोनों के बीच प्रेम बढ़ता गया। निशांत से प्रेम करनेवाली युवती इसके पहले रांची के व्यवसायी विकास से प्रेम करती थी। पुलिस की कहानी के अनुसार विकास अपनी प्रेमिका की बेवफाई बर्दास्त नहीं कर सका और उसने निशांत की हत्या की योजना बना ली।

पुलिस का कहना है कि इसी ने बैंक मैनेजर की हत्या करवा दी। हत्या किसने की और इसके एवज में उसे क्या मिला। इस हत्याकांड को अंजाम देकर शूटर कहां और कैसे भागे। इन सभी प्रश्नों पर पुलिस अबतक लकीर पीटती नजर आ रही है।

इनका कहना है....

पुलिस हत्याकांड की साजिश रचने वाले को खोजकर हत्याकांड की अनसुलझी गुत्थी को बहुत पहले ही सुलझा ली थी। शूटरों की तलाश जारी है। बहुत जल्द शूटर भी सलाखों के पीछे होंगे।

अजय कुमार, सिटी डीएसपी बोकारो।

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