2 मार्च 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

शोहरत के शिखर पर पहुंचकर अरिजीत सिंह ने क्यों छोड़ी मायानगरी? पिता ने अब जाकर बताई असली बात

Arijit Singh Father On His Retirement: बॉलीवुड सिंगर अरिजीत सिंह के मुंबई छोड़ने को लेकर अब उनके पिता ने खुलकर बात की है।

2 min read
Google source verification
Arijit Singh Father On His Retirement

Arijit Singh Father On His Retirement (सोर्स- एक्स)

Arijit Singh Father On His Retirement: बॉलीवुड के सबसे लोकप्रिय और भावुक आवाज वाले गायकों में शामिल अरिजीत सिंह आज किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं। करोड़ों दिलों की धड़कन बन चुके इस सिंगर ने सफलता की वो ऊंचाई हासिल की है, जिसका सपना हर कलाकार देखता है।

लेकिन दिलचस्प बात यह है कि इतनी बड़ी सफलता के बावजूद उन्होंने मायानगरी मुंबई की चमक-दमक से दूरी बनाकर अपने छोटे से होमटाउन जियागंज को ही अपना ठिकाना चुना। अब पहली बार उनके पिता ने इस फैसले के पीछे की असली वजह का खुलासा किया है।

अरिजीत सिंह के पिता ने बताई वजह (Arijit Singh Father On His Retirement)

अरिजीत सिंह के पिता सुरिंदर सिंह ने 'द टेलिग्राफ इंडिया' के साथ एक बातचीत के दौरान परिवार के इतिहास और बेटे के स्वभाव के बारे में खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि उनका परिवार मूल रूप से लाहौर के पास रहता था, लेकिन देश विभाजन के समय सबकुछ छोड़कर भारत आना पड़ा।

उस दौर में लाखों परिवारों की तरह उनके परिवार ने भी संघर्ष और अनिश्चितता का सामना किया। शुरुआत में वे पश्चिम बंगाल के लालगोला इलाके में बसे और बाद में जियागंज में स्थायी रूप से रहने लगे।

मेहनत से बनाई जिंदगी

परिवार पहले कपड़ों के व्यापार से जुड़ा था, लेकिन नई जगह पर जीवन दोबारा शुरू करना आसान नहीं था। धीरे-धीरे मेहनत और सामुदायिक सहयोग से उन्होंने नया जीवन बनाया। जियागंज में बसे सिख समुदाय ने एक गुरुद्वारा स्थापित किया, जो केवल धार्मिक स्थल ही नहीं बल्कि लोगों के सामाजिक जुड़ाव का केंद्र भी बन गया। इसी माहौल में अरिजीत का बचपन बीता।

जन्मस्थान से अरिजीत का इमोशनल कनेक्शन

पिता के अनुसार, अरिजीत के लिए जियागंज सिर्फ जन्मस्थान नहीं बल्कि भावनात्मक पहचान है। उन्होंने बताया कि मुंबई में करियर की व्यस्तता और ग्लैमर के बावजूद उनका बेटा वहां लंबे समय तक सहज महसूस नहीं कर पाया। शांत वातावरण और अपने लोगों के बीच रहने की चाहत उसे बार-बार घर वापस खींच लाती थी।

अरिजीत को ‘शोमु’ कहकर बुलाते थे लोग

बचपन में अरिजीत को पड़ोस और परिवार के लोग प्यार से ‘शोमु’ कहकर बुलाते थे। संगीत से उनका रिश्ता बहुत शुरुआती दिनों में ही जुड़ गया था। वह अपनी मां के साथ गुरुद्वारे में कीर्तन गाने जाया करते थे, जहां से उनके सुरों की यात्रा शुरू हुई। यही आध्यात्मिक और सांस्कृतिक माहौल उनके संगीत की गहराई का आधार बना।

आज भी, जब दुनिया उन्हें सुपरस्टार सिंगर के रूप में देखती है, जियागंज में उनकी पहचान बेहद साधारण है। उन्होंने अपने बच्चों की पढ़ाई भी वहीं के स्कूलों में करवाई और स्थानीय शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कई सामाजिक पहल शुरू कीं। उनके कई चैरिटी प्रोजेक्ट्स सीधे होमटाउन के विकास से जुड़े हुए हैं।

अरिजीत सिंह का वर्कफ्रंट

हाल ही में अरिजीत ने आमिर खान प्रोडक्शंस की आगामी फिल्म ‘एक दिन’ के टाइटल ट्रैक के लिए अपनी आवाज दी है, जिसमें जुनैद खान और साई पल्लवी नजर आएंगे। इसके अलावा, फरवरी 2026 में प्लेबैक सिंगिंग से रिटायरमेंट की घोषणा के बाद उन्होंने कोलकाता में सितार वादक अनुष्का शंकर के साथ लाइव परफॉर्मेंस देकर फैंस को खास तोहफा भी दिया।