29 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Bhumi Pednekar ने कहा था-”महिलाओं का साथ शोषण की खबरें मुझे रात भर सोने नहीं देतीं”

बॉलीवुड की दिग्गज अभिनेत्री भूमि पेडनेकर की हर एक फ़िल्म सुर्ख़ीयों में रहती हैं। फ़िल्म (Badhai Do) में वह गे लेस्बियन के मुद्दे को उठाने वाली हैं। आपको बता दें कि उनकी करियर का यह दसवां फ़िल्म हैं। चलिए जानते हैं इस फ़िल्म के बारे में कुछ रोचक बातें।

2 min read
Google source verification
bhumi.jpg

बॉलीवुड में तक़रीबन सात साल बिता चुकी हैं भूमि पेडनेकर। अपने फ़िल्मों के ज़रिए वह किसी न किसी मुद्दे को मुखर करती नज़र आती रहती हैं। उनकी फ़िल्मों का विरोध भी किया जाता है लेकिन उनकी फ़िल्मों में सच्चाई भी होती हैं। जिसे कई लोग देखना भी पसंद करते हैं। (Badhai Do) यह उनके करियर की दसवी फ़िल्म हैं। इस फ़िल्म में भी उन्होंने पहली फ़िल्म की तरह एलजीबीटीक्यू समुदाय के मुद्दे पर समझ पैदा करने की पहल की हैं।

आपको बता दें कि इस मुलाक़ात में वह अपने अभिनय का सफ़र, महिला मुद्दा और अन्य कई मुद्दों की अनकही बातें शेयर करती नज़र आयी हैं। भूमि पेडनेकर ने कहा है कि “ मैं बहुत ही ख़ुशक़िस्मत हूं। सात सालों में ‘बधाई दो’ मेरी दसवी फ़िल्म हैं।

भूमि पेडनेकर आगे कहती है कि “ मेरी पहली फ़िल्म जिस महीने में शूट हुई थी उसी महीने में मेरी दसवी फ़िल्म भी शूट हुई हैं। यहां तक की दिलचस्प बात यह है कि ‘बधाई दो’ की शूटिंग भी उसी लोकेशन पे हुई है जहां मेरी पहली फ़िल्म ‘दम लगा के हईशा’ शूट हुई थी।

यह भी पढ़े- दिलीप कुमार की ये बात सुनकर फूट-फूटकर रोने लगीं थीं लता मंगेशकर

भूमि पेडनेकर कहती है कि मैं बहुत लकी हूँ कि मुझे इतनी सारी अच्छी फ़िल्में करने का मौक़ा मिला है हर एक फ़िल्म में अलग अलग तरह की कहानियों का हिस्सा बनने का मौक़ा मिला हैं। उन्होंने कहा कि मुझे यक़ीन नहीं होता कि 27 फ़रवरी को मेरे करियर का सात साल पूरा हो जाएगा। भूमि पेडनेकर कहती है कि मेरे अंदर स्किप्ट को लेकर नर्वस उतना ही है जितना पहले दिन हुआ करता था।

भूमि पेडनेकर अपनी फ़िल्मों से यह कोशिश करती है कि वह अपनी बात को लोगों तक पहुंचा पाए। भूमि पेडनेकर यह कहती है कि सिनेमा में इतनी ताक़त होती है कि वह लोगों के हृदय परिवर्तन कर सकता हैं। मैं मुद्दों को मनोरंजन के ज़रिए लोगों तक पहुंचाने का कोशिश करती रहती हूं। “ बधाई दो” भी कुछ ऐसी ही फ़िल्म हैं।

भूमि पेडनेकर बताती है कि मुद्दे तो कई सारे हैं लेकिन महिलाओं का शोषण की खबर वाला मुद्दा सबसे ज़्यादा विचलित कर देता हैं। महिलाओं का शोषण को लेकर मैं कई बार अपने सोशल मीडिया पर मुद्दा उठा चुकी हूं। साथ ही भूमि यह भी कहती है कि महिला के साथ होने वाला सेक्शुअल असॉल्ट की ख़बरें मुझे रात भर सोने नहीं देती हैं।

Story Loader