
Deepfake Video Case
DeepFake Video: डीपफेक वीडियो सोशल मीडिया और इंटरनेट की दुनिया में एक गंभीर खतरे के रूप में उभर रही है। इसे रोकने के लिए सख्त नियम बनाए जाने की मांग के साथ याचिका दाखिल की गई है। जिसकी सुनवाई आज शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में होनी है।
याचिका में मांग की गई है कि सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर एआई जेनरेटेड या डीपफेक (DeepFake) कंटेंट की पहचान करने और उसे हटाने के लिए नियम बनाए जाएं। इसमें केंद्र सरकार और चुनाव आयोग को पक्षकार बनाया गया है।
कई बॉलीवुड अभिनेत्रियों जैसे रश्मिका मंदाना, नोरा फतेही, आलिया भट्ट, कैटरीना कैफ और प्रियंका चोपड़ा के डीपफेक वीडियो वायरल हुए हैं, जिनमें उनके चेहरे को अश्लील या भ्रामक कंटेंट में इस्तेमाल किया गया। इससे न केवल उनकी छवि को नुकसान पहुंचा, बल्कि उनकी निजता का भी घोर उल्लंघन हुआ।
अभिनेत्री रश्मिका मंदाना का एक डीपफेक वीडियो वायरल हुआ था, जिसे लेकर एक शख्स की गिरफ्तारी भी हुई थी। इसके बाद मंदाना का एक और डीपफेक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें वह लाल रंग की बिकनी पहने किसी झरने के नीचे खड़ी दिखी थीं। इसके अलावा भी एक्ट्रेस का एक और वीडियो वायरल हुआ था।
अभिनेत्री और भाजपा से मथुरा की सांसद हेमा मालिनी ने हाल ही में डीपफेक पर चिंता जाहिर करते हुए इसका मुद्दा लोकसभा में उठाया था। उन्होंने कहा था, "एक्टर्स ने वर्षों की मेहनत से अपनी पहचान बनाई, लेकिन डीपफेक के जरिए फर्जी वीडियो बनाकर उनकी छवि को धूमिल किया जा रहा है। ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैलते हैं और पीड़ितों के मन पर गहरा असर डालते हैं।
भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली से लेकर सचिन तेंदुलकर, टाटा समूह के पूर्व चेयरमैन दिवंगत रतन टाटा, इंफोसिस के संस्थापक नारायण मूर्ति का भी फेक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।
बता दें, डीपफेक की समस्या वैश्विक और गंभीर बनती जा रही है। तकनीक के जरिए किसी तस्वीर या वीडियो में किसी व्यक्ति की जगह अन्य व्यक्ति की तस्वीर लगा दी जाती है। इससे किसी को भी गुमराह किया जा सकता है और गलत सूचना फैलाई जा सकती है। डीपफेक वीडियो एक बार पोस्ट हो जाए तो शिकायत की जा सकती है। इस पर 72 घंटे में कार्रवाई भी होती है, लेकिन नुकसान यह है कि तब तक वीडियो सोशल मीडिया पर कई बार शेयर हो चुका होता है।
Published on:
16 May 2025 01:32 pm
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