
ANIL KAPOOR
बॉलीवुड के झक्कास एक्टर अनिल कपूर आज बेशक 61 साल के हो चुके हैं, लेकिन आज भी उनपर उम्र का रत्ती भर भी फर्क नहीं दिखता है। आज भी वह दूसरे युवा अभिनेताओं के तरह ही सेट पर शॉट देते हैं। 'रेस 3' में अपनी एक्टिंग का लोहा मनवाने के बाद अनिल कपूर अब 'फन्ने खां' लेकर आ रहे हैं। 'फन्ने खां' में अनिल कपूर ऐसे पिता का किरदार निभा रहे हैं जो अपनी बेटी को सिंगर बनाना चाहता है। फिल्म में उनके साथ ऐश्वर्या राय बच्चन और राजकुमार राव भी हैं। 'फन्ने खां' में अनिल कपूर खुद भी एक सिंगर हैं और वे ट्रम्पेट बजाते नजर भी आ रहे हैं।जिसके लिए उन्होंने काफी मेहनत की है।हालांकि लेकिन यह पहला मौका नहीं है जब अनिल कपूर किसी म्यूजिकल इंसट्रूमेंट पर हाथ साफ कर रहे हैं।
गौरतलब है कि अनिल कपूर ने 1983 में 'वो सात दिन' के लिए हारमोनियम सीखकर अपने बॉलीवुड कॅरियर की शुरुवात की थी और अब 'फन्ने खां' के लिए अनिल कपूर ने ट्रम्पेट पर हाथ आजमाया है। भले ही इन दोनों फिल्मों के बीच 35 साल का अंतराल हो है लेकिन इंस्ट्रूमेंट सीखने की ललक हमेशा की तरह आज भी बुलंद है। जिस तरह वे हारमोनियम के उस्ताद बन गए थे, उसी तरह वे ट्रम्पेट के भी माहिर हो गए हैं।इस बारे में मीडिया से बात करते हुए अनिल कपूर ने बताया, 'कड़ी मेहनत की जरूरत थी। ट्रम्पेट मेरे चरित्र का एक अभिन्न हिस्सा है। यह पूरी फिल्म में मेरे साथ रहता है। मैं नया इंस्ट्रूमेंट सीखने के लिए उत्साहित था और पेशेवर खिलाड़ी रमेश कुमार गुरुंग से इसे बजाना सीखा है।'
बता दें, अनिल कपूर अपनी फिल्मों में तरह-तरह के इंस्ट्रूमेंट बजा चुके है, 1971 में आई फिल्म 'तू पायल मैं गीत' में बतौर बाल कलाकार वह सितार भी बजा चुके हैं लेकिन इन सब के बीच ट्रम्पेट सीखना उनके लिए सबसे मुश्किल था। उन्होंने बताया, 'इसे बजाना और एक्टिंग के साथ इसे बजाना, दो अलग-अलग बातें हैं। इंस्ट्रूमेंट बजाने के समय हावभाव व्यक्त करना चुनौतीपूर्ण था। मेरा किरदार फन्ने जब भी दुःखी या खुश होता है तो वह इसे बजाता है इसिलए मुझे इसे रियल दिखाने की जरूरत थी।'
अनिल कपूर ने अकसर संगीत सीखने के लिए किसी चीज को बीच में आने नहीं दिया। सितार सीखने की उनकी कोशिश के दौरान उन्हें रोजाना चेम्बूर से बांद्रा तक सफर करना पड़ता था जबकि उस समय वे सिर्फ 12 वर्ष के थे।'वो सात दिन' के लिए हारमोनियम सीखने के दौरान, अपने किरदार को न्याय देने के लिए अनिल ने अर्द्ध शास्त्रीय संगीत में महारत हासिल की थी।उन्होंने बताया, 'मैंने उस्ताद इकबाल अहमद खान से हारमोनियम की शिक्षा ग्रहण की थी। संगीत ने मेरे करियर का एक अभिन्न अंग रहा है। मैंने जो किरदार निभाए है उनके जरिये मुझे राग और ताल की समझ आई।'
Published on:
16 Jul 2018 06:50 pm
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