नाडिया को अपने हैरतअंगेज स्टंट्स की वजह से जाना जाता है। उनका असली नाम मैरी एन इवांस था लेकिन उनका फिल्मी नाम फियरलेस नाडिया था। वे ऑस्ट्रेलिया से थीं और उन्होंने हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में बतौर एक्ट्रेस और स्टंटवूमन अपनी खास पहचान बनाई।
पर्दे पर फियरलेस नाडिया के नाम से पहचानी जाने वाली मैरी एन इवान्स एक ऑस्ट्रेलियन एक्ट्रेस और स्टंटवुमेन थीं। उनके फादर हर्बट ब्रिटिश आर्मी में एक वॉलंटियर थे। मैरी महज एक साल की थीं जब उनके पिता के रेजिमेंट का ट्रांसफर बॉम्बे कर दिया गया। 1915 में पहले वर्ल्डवॉर के दौरान जर्मनों के हाथों उनके फादर की डेथ के बाद उनका परिवार पेशावर में बस गया। उन्होंने हॉर्सराइडिंग, शिकार, मछली पकड़ना और निशाना लगाना सीखा। 1928 में मैरी अपनी मां और भाई रॉबर्ट जोन्स के साथ बॉम्बे लौट आईं।
नाडिया ने शुरुआत में बॉम्बे के सेना और नौसेना दुकानों में बतौर सेल्सवुमन नौकरी की। नाडिया ने बतौर थियेटर कलाकार इंडिया का कोना-कोना घूमा। इसके बाद 1930 में वह जार्को सर्कस में काम करने लगीं। फिल्मों में नाडिया की एंट्री वाडिया मूविटोन के जे.बी.एच (जमशेद) वाडिया ने कराई। जमशेद ने नाडिया को देश दीपक और नूर-ए-यमन जैसी फिल्मों में छोटे-छोटे रोल दिए। इनमें तारीफ पाने पर और सर्कस मे उनके काम को देखते हुए, जमशेद और उनके भाई ने नाडिया को स्टार बनाने का फैसला लिया।
नाडिया पर्दे पर, मिस फ्रंटियर मेल, डायमंड क्वीन, मुकाबला, शेर-ए-बगदाद जैसी कई फिल्मों में नजर आईं। उनकी सबसे यादगार फिल्म साल 1935 में आई ‘हंटरवाली’ थी। यह उस समय फीमेल लीड के साथ बनी पहली इंडियन फिल्मों में से एक थी।