गीता कपूर (Geeta Kapoor) ने अपने डांसिंग करियर की शुरूआत 15 साल की उम्र में ही कर दी थी। लेकिन इसके पहले उनकी जिंदगी में कई उतार चढ़ाव आए थे। उन्होंने 'तुझे याद ना मेरी आई', 'गोरी गोरी' जैसे गानों में बैकग्राउंड डांसर के रूप में भी काम किया हैं।
नई दिल्ली। बॉलीवुड की मशहूर कोरियोग्राफर गीता कपूर (Geeta kapoor )का नाम आज के समय किसी पहचान का मोहताज नहीं है। लेकिन एक समय ऐसा भी था जब इसी नाम के पाने के लिए वो इस इंडस्ट्री में एक बैकग्राउंड डांसर के रूप में काम भी करती थीं। गीता कपूर ने मात्र 15 साल की उम्र से ही फिल्म में डांस करना शुरू कर दिया था।
उस दौरान बॉलीवुड की मशहूर कोरियोग्राफर की लिस्ट में सरोज खान, फराह खान जैसे कलाकारों का नाम हुआ करता था उस दौरान गीता कपूर ने फराह खान के डांस ग्रुप को ज्वाइन किया था। इसके बाद वह फराह खान के साथ रहकर असिस्ट करने लग गईं। गीता ने फ़राह को कुछ कुछ होता है, दिल तो पागल है, कभी खुशी कभी गम, मोहब्बतें , कल हो ना हो, मैं हूं ना और ओम शांति ओम जैसी फिल्मों में असिस्ट किया है।
इसके बाद तो गीता के चर्चे हर किसी की जुंबा पर सुने जाने लगे,और एक समय ऐसा आया कि गीता दिन-रात की मेहनत के दम से खुद एक मशहूर कोरियोग्राफर बन गई। उन्होंने फिजा, अशोका, साथिया, हे बेबी, अलादीन, तीस मार खां के चर्चित गाने शीला की जवानी में कोरियोग्राफी करके लोकप्रियता हासिल की।
47 साल की हो चुकी इस कोरोग्राफर को लोग अब गीता मां के नाम से पुकारते है। उन्होंने अभी तक शादी नहीं की है।लेकिन हाल ही में एक तल्वीर में वो सिंदूर लगाए हुए नजर आई थी जिसने हर किसी को चौका दिया था। लेकिन इसके बाद उनके पिता ने इन खबरों का खंडन करते हुए बताया था कि उन्होंने शादी नहीं है।
गीता का नाम कुछ समय पहले कोरियोग्राफर राजीव खिंची के साथ जुड़ा था। दोनों के अफेयर की खबरें सोशल मीडिया पर भी चर्चे का विषय बन चुकी थीं। लेकिन इसके बाद दोनों अलग हो गए। साल 2021 उनके लिए काफी मनहूस भरा साल निकला। क्योंकि गीता ने अपनी मां को हमेशा-हमेशा के लिए खो दिया। इसी साल जनवरी में गीता की मां का निधन हो गया था तब से अब तक गीता इस दर्द से उबर नहीं पाई हैं।