जब 60 के दशक में एक्ट्रेस के लिए ऑडिशन देना होता था मुश्किल, निर्देशक के सामने बदलने पड़ते थे कपड़े

By: Archana Pandey
| Updated: 25 Sep 2021, 12:59 PM IST
जब 60 के दशक में एक्ट्रेस के लिए ऑडिशन देना होता था मुश्किल, निर्देशक के सामने बदलने पड़ते थे कपड़े
60s Directors Auditions for the Actress

जहां आज एक्ट्रेस के ऑडिशन लेने के लिए पूरी एक कास्टिंग टीम होती है और कई-कई राउंड ऑडिशन होते हैं तो वहीं, 60 के दशक में लड़कियों के लिए फिल्मों में अपनी जगह बनाना कितना मुश्किल हुआ करता था। लड़कियों को निर्देशक के सामने कपड़े बदलने पड़ते थे।

नई दिल्ली: 60s Directors Auditions for the Actress: आज समय के साथ फिल्म जगत भी पूरी तरह से बदल गया है। जहां आज ऑडिशन लेने के लिए पूरी एक कास्टिंग टीम होती है और कई-कई राउंड ऑडिशन होते हैं तो वहीं, 60 के दशक में लड़कियों के लिए फिल्मों में अपनी जगह बनाना कितना मुश्किल हुआ करता था। उस दौर में निर्देशक खुद ही लड़कियों का ऑडिशन बड़ी बारीकी से लेते थे। ऑडिशन के दौरान लड़कियों को वो करना होता था, जो कभी कोई लड़की नहीं करना चाहेगी।

audition_1.jpg

आज हम आपको 1951 के ऑडिशन की कुछ तस्वीरें देखा रहे हैं। ये तस्वीरें जेम्स बुर्के ने क्लिक की थी। जो कि एक जानी-मानी मैगजीन में पब्लिश हुई थी। इन तस्वीरों में आप फिल्म जगत के जाने-माने निर्देशक अब्दुल राशिद करदार को लड़कियों का स्क्रीन टेस्ट लेते देख सकते हैं।

audition_3.jpg

निर्देशक हीरोइन चुनने पर खास ध्यान देते थे
उस समय फिल्म के निर्देशक हीरोइन चुनने पर खास ध्यान देते थे। एक लड़की में बहुत ही बारीकी से हर चीज की परख की जाती थी। जैसे- उसका फिगर कैसा है, बाल कैसे हैं, आवाज कैसी है, अभिनय कैसा है आदि।

audition_4.jpg

लड़की हर रोल के लिए परफेक्ट चाहिए थी
वहीं, जब किसी लड़की को रोल के लिए कास्ट किया जाता था तो, उसमें हर तरह की भूमिका करने की हिम्मत हो, कोई भी चुनौती का सामना करने का आत्मविश्वास हो। ये सब चीज एक निर्देशक अपनी हीरोइन में देखते थे।

audition_5.jpg

निर्देशक के कई सवालों के जवाब देने पड़ते थे
उस दौर में फिल्मों में किसी भूमिका को पाना बिलकुल आसान नहीं होता था। लड़कियों को ऑडिशन के साथ-साथ निर्देशक के कई सवालों के जवाब देने पड़ते थे। एक साथ कई-कई लड़कियों के ऑडिशन होते थे जिसमें से निर्देशक किसी एक को अभिनेत्री को भूमिका के लिए चुनते थे।

audition_6.jpg

निर्देशक के पैरामीटर पर खरा उतरना पड़ता था
कहने का मतलब की ऑडिशन के लिए पहुंची लड़कियों को निर्देशक के पैरामीटर पर खरा उतरना पड़ता था। जिसके लिए उन्हें निर्देशक जैसा कहता था उसी हिसाब से ऑडिशन देना पड़ता था।

audition_7.jpg

देसी और वेस्टर्न दोनों लुक्स में होता था ऑडिशन
देसी और वेस्टर्न दोनों ही लुक्स में लड़कियों को ऑडिशन देना पड़ता हैं। 1951 में फिल्मों में भूमिका पाना कोई आसान काम नहीं था, इसके लिए लड़कियों को कई पड़ाव पार करने पड़ते थे।

audition_8.jpg