
‘कसूर’ फिल्म की हीरोइन लीजा रे (इमेज सोर्स: डेलीमोशन)
Lisa Ray Latest Post: 'कसूर' फिल्म से दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाने वाली लीजा रे (Lisa Ray) ने 25 साल बाद एक ऐसा खुलासा किया है, जिसने सभी को चौंका दिया है। ग्लैमर और सफलता के शिखर पर खड़ी इस अभिनेत्री ने अचानक बॉलीवुड से दूरी बनाकर सबको हैरान कर दिया था। अब लीजा रे (Lisa Ray) ने अपने इंस्टाग्राम पर एक नोट साझा करते हुए बताया है कि आखिर उन्हें यह बड़ा फैसला क्यों लेना पड़ा। बता दें लीजा रे (Lisa Ray) 90 के दशक की सबसे चर्चित अभिनेत्रियों में से एक रही हैं।
लीजा रे ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट इंस्टाग्राम पर पोस्ट साझा करते हुए लिखा- “2001 में, मैं इंडिया में फेम से दूर हो गई। इसलिए नहीं कि काम नहीं मिल रहा था, बल्कि इसके उलट मेरे पास बहुत काम था। मेरे पीछे सफल फिल्में थीं, मेरे आगे कई ऑफर थे और मुझे साफ पता था कि लोग मुझे कैसे देख रहे हैं: एक मॉडल, बहुत सुंदर, मेरी आवाज, मेरी पर्सनैलिटी लेकिन सब फीकी पड़ गई। इंडस्ट्री से दूर जाने के बाद, मैंने लंबा रास्ता चुना। मैं एक्टिंग की पढ़ाई करने के लिए लंदन चली गई, ऐसे तरीकों से जो मुझे सही लगे। मैं बैलिओल कॉलेज, ऑक्सफोर्ड में रही, शेक्सपियर और कविता में डूबी रही। मैंने बौद्ध धर्म और योग की पढ़ाई की (यह अजीब बात है कि मैं बॉम्बे छोड़ने के बाद ही योग से परिचित हुई) मैंने सीखने, स्पिरिट और क्यूरियोसिटी पर आधारित जिंदगी बनाई विजिबिलिटी पर नहीं।”
एक्ट्रेस ने पोस्ट में आगे लिखा- “उस रुकावट और गहराई के दौर के बाद, मैंने इंडी फिल्में करना शुरू किया। कम बजट की। ये फिल्में कमर्शियल नहीं थीं, बल्कि पॉजिटिविटी और कला पर आधारित थीं। इनमें से कई अब मिलती भी नहीं और शायद यह ठीक ही है। ये फिल्में मजेदार से लेकर ऑस्कर लायक तक थीं। इनमें काम करते हुए मैं खुद को नए तरीकों से आजमा पाई, भारत की इंडस्ट्री के दबाव से दूर। ये पुरानी तस्वीरें मुझे याद दिलाती हैं कि मैं कभी कितनी प्यारी लगती थी। लेकिन प्यारा दिखना कभी असली मुद्दा नहीं था। असल काम था… खुद को समझना, अपने अंदर झांकना और दूसरों की उम्मीदों का बोझ उतारकर अपने असली रूप में लौटना। मैं उस सफर के लिए आभारी हूं, जिसने मुझे सिखाया कि जब सारी निगाहें हट जाती हैं, तब मैं असल में कौन हूं। समय ने मुझे मिटाया नहीं, उसने मुझे सिखाया और समझाया।”
एक्ट्रेस के पोस्ट पर फैंस कमेंट भी कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा- “बहुत सुंदर कहा, लिसा। कितनी उदार, ईमानदार सोच। ऐसी क्लैरिटी जो तब आती है जब हम दुनिया के लिए ऑडिशन देना बंद कर देते हैं और खुद में रहना शुरू कर देते हैं। गहराई की अपनी ही खूबसूरती होती है।”
दूसरे ने लिखा- “मैं अभी आपकी कुछ फिल्में देख रहा हूं, आपने लंबा रास्ता चुनकर सही किया, क्योंकि इससे आपके काम को एक खास गहराई मिलती है।”
Updated on:
16 Jan 2026, 2:13 PM IST
Published on:
16 Jan 2026, 2:13 PM IST
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