बॉलीवुड

जब इस शर्त की वजह से शर्मिला टैगोर को अपनाना पड़ा था इस्लाम धर्म

शर्मिला टैगोर और नवाब मंसूर अली खान की शादी क्रिकेट और बॉलीवुड जगत की सबसे चर्चित शादियों में से एक थी। लेकिन मंसूर अली खान को अपना हमसफर बनाने के लिए बंगाली शर्मिला टैगोर को अपना धर्म बदलना पड़ा था, उन्हें शर्मिला से आयशा सुल्ताना बनना पड़ा था।

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Sharmila Tagore Mansoor and Ali Khan Pataudi

नई दिल्ली: जहां बॉलीवुड फिल्मों में एक से बड़कर एक प्रेम कहानियां देखने को मिलती हैं। वहीं, असल जिंदगी में भी कई फिल्मी सितारों की प्रेम कहानियां किसी मिसाल से कम नहीं हैं। जिसमें से एक है, 60 और 70 के दशक की टॉप एक्ट्रेस शर्मिला टैगोर और नवाब मंसूर अली खान की प्रेम कहानी।

दोनों की शादी क्रिकेट और बॉलीवुड जगत की सबसे चर्चित शादियों में से एक थी। लेकिन मंसूर अली खान को अपना हमसफर बनाने के लिए बंगाली शर्मिला टैगोर को अपना धर्म बदलना पड़ा था, उन्हें शर्मिला से आयशा सुल्ताना बनना पड़ा था। आइये जानते हैं कि आखिर शर्मिला को अपना धर्म क्यों बदलना पड़ा था?

मंसूर की अम्मी ने रखी थी शर्त

दरअसल शर्मिला टैगोर के प्यार में दीवाने मंसूर अली खान उनसे हर कीमत पर शादी करना चाहते थे। जब उन्होंने अपनी अम्मी साजिदा सुल्तान को बताया कि वो फिल्म एक्ट्रेस शर्मिला टैगोर से प्यार करते हैं और शादी करना चाहते हैं तो, साजिदा सुल्तान ने तुरंत इस रिश्ते के लिए हामी नहीं भरी और सामने एक शर्त रख दी।

बेगम आयशा सुल्ताना बन गईं

मंसूर अली खान की अम्मी और भोपाल की आखिरी नवाब साजिदा सुल्तान की ये शर्त थी कि अगर शर्मिला अपना धर्म बदलकर मुस्लिम धर्म अपना लें और इस्लाम धर्म कबूल कर लें, तभी दोनों की शादी हो सकती है। ऐसे में शर्मिला ने मंसूर अली खान के प्यार के लिए ये शर्त मान ली और इस्लाम धर्म कुबूल कर लिया। इस तरह दोनों की शादी हो गई औप शर्मिला बेगम आयशा सुल्ताना बन गईं।

पहली नजर में ही दिल हार बैठे थे

आपको बता दें कि नवाब मंसूर अली खान इंडियन क्रिकेट टीम के सबसे शानदार खिलाड़ियों में से एक थे और उनका बेहद अलग रुतबा और रुबाब था। उनकी चार्मिंग पर्सनैलिटी पर हर जवां दिल फिदा होता था। वहीं, शर्मिला टैगोर की खूबसूरती और पॉपुलेरिटी भी किसी मायने में कम नहीं थी। जब ये दोनों मिले तो पहली नजर में ही एक दूसरे पर दिल हार बैठे थे।

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