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मनोज मुंतशिर किसे कहा…कीटाणु बम, बोले- पाकिस्तान के परमाणु बम से ज्यादा खतरनाक है ये लोग

Manoj Muntashir: देश के मशहूर गीतकार मनोज मुंतशिर ने ज्योति मल्होत्रा पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने क्या कुछ कहा है, आइए जानते हैं।

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मुंबई

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Saurabh Mall

May 23, 2025

Manoj Muntashir-Jyoti Malhotra

Manoj Muntashir-Jyoti Malhotra

Manoj Muntashir News: जासूसी के आरोप में गिरफ्तार यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा पर स्क्रिप्ट राइटर मनोज मुंतशिर ने तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा, "मैं हमेशा से यह बात कहता आया हूं कि भारत को पाकिस्तान के परमाणु बम से उतना खतरा नहीं है, जितना कि भारत के भीतर मौजूद ऐसे कीटाणु बमों से है। इनका सफाया होना बेहद जरूरी है।"

ज्योति मल्होत्रा से पूछताछ कर रही हैं जांच एजेंसियां

ज्योति मल्होत्रा इन दिनों सुर्खियों में हैं। उन्होंने अगस्त 2019 में व्लॉगिंग की शुरुआत की थी। देखते ही देखते कुछ दिनों में इन्फ़्लुवेनसर के लाखों सब्सक्राइबर्स हो गए। उन्होंने कई देशों में वीडियोज बनाए, जिनमें पाकिस्तान भी शामिल है। ऐसे में खुफिया एजेंसियों को संदेह है कि ज्योति ने पाकिस्तान दूतावास के अधिकारियों और आईएसआई के संपर्क में थीं। चूंकि यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है, इसलिए केंद्र की एजेंसियां उनसे गहन पूछताछ कर रही हैं।

सोशल मीडिया इन्फ़्लुवेनसर के बारे में चर्चित गीतकार ने क्या कहा?

मनोज मुंतशिर शुक्ला ने कहा, “यह जानकर बेहद शर्मिंदगी होती है। यूट्यूबर्स का काम भी राष्ट्र निर्माण से जुड़ा होता है। जिन लोगों को लाखों की संख्या में लोग फॉलो करते हैं, अगर वही देशद्रोह जैसी गतिविधियों में शामिल पाए जाएं, तो यह बेहद गंभीर और चिंताजनक बात है। यह एक कड़ी चेतावनी है। मुझे लगता है कि हमारी सुरक्षा एजेंसियों को इस दिशा में और अधिक सतर्कता और सख्ती से काम करना चाहिए। मैं हमेशा कहता हूं कि भारत को असली खतरा पाकिस्तान के परमाणु बम से नहीं, बल्कि देश के भीतर मौजूद उन 'कीटाणु बमों' से है, जो समाज को अंदर से खोखला करते हैं। इनका सफाया होना जरूरी है।”

वहीं, अपनी फिल्म 'ऑपरेशन सिंदूर' पर उठ रहे सवालों पर उन्होंने कहा, “हर युग में सवाल उठे हैं — भगवान श्रीराम पर भी, भगवान श्रीकृष्ण पर भी। इसलिए अगर आज 'ऑपरेशन सिंदूर' पर सवाल उठाए जा रहे हैं, तो इसमें कोई हैरानी की बात नहीं है। लेकिन सवाल उठाने भर से कुछ नहीं होगा। हमें यह भी सोचना चाहिए कि क्या हम अपनी सेनाओं का मनोबल बढ़ाने के लिए कुछ कर रहे हैं? सवालों की कोई ठोस बुनियाद नहीं है। अब वक्त आ गया है कि हम भारत के शौर्य और सेना को गर्व और उत्सव की भावना के साथ मनाएं।”

ट्रंप भी हुए गुस्से का शिकार

भारत-पाक संघर्ष विराम पर ट्रंप की मध्यस्थता को लेकर मनोज मुंतशिर शुक्ला ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “यह मामला भारत और पाकिस्तान की सेनाओं के बीच का है। इसमें न ट्रंप की और न ही किसी तीसरी ताकत की कोई भूमिका होनी चाहिए। ‘शिमला समझौते’ के बाद यह स्पष्ट रूप से तय हो चुका है कि किसी तीसरे पक्ष की दखलंदाजी नहीं होगी। भारत अपने हर समझौते और हर शब्द पर पूरी मजबूती से खड़ा है।”

उन्होंने आगे कहा, “मैं पूरी तरह से इस बात को खारिज करता हूं कि भारत ने कभी ट्रंप या किसी अन्य को यह कहा होगा कि वे आकर हमारे बीच सुलह कराएं। कश्मीर भारत का आंतरिक मामला है, इसे हम कभी अंतरराष्ट्रीय मुद्दा मानते ही नहीं हैं। यह सोचना भी हास्यास्पद है कि कोई बाहरी ताकत इसमें मध्यस्थता कर सकती है।”