
मुकेश खन्ना का फूटा वीर दास पर गुस्सा (Photo Source- Twitter/virdas)
Mukesh Khanna On Vir Das: 'शक्तिमान' और 'भीष्म पितामह' के नाम से घर-घर में मशहूर दिग्गज अभिनेता मुकेश खन्ना एक बार फिर अपने तीखे और बेबाक बयान को लेकर सुर्खियों में हैं। इस बार उनके निशाने पर कोई और नहीं बल्कि कॉमेडियन और एक्टर वीर दास (Vir Das) हैं। वीर दास ने विदेश में कहा था कि भारत में सुबह देवी की पूजा होती है और रात में उनके साथ गलत होता हैं। इसी को लेकर मुकेश खन्ना ने एक बार फिर बेहद कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया है। उनका कहना है कि वीर दास को गधे पर बैठाकर और काला मुंह करके घुमाना चाहिए।
मुकेश खन्ना ने हाल ही में ANI को इंटरव्यू दिया। उन्होंने कई मुद्दों पर बात की। इस दौरान उन्होंने कॉमेडियन और एक्टर वीर दास पर हमला बोला। उन्होंने कहा, "उसका नाम वीर दास नाम है। मैंने तो पहले ही कहा था कि इसका नाम बदलकर 'कायरदास' कर देना चाहिए। उसने कैनेडी हॉल में जाकर कहा था कि 'मैं भारत से हूं'- जहां सुबह देवी की पूजा होती है और रात को उसके साथ गलत काम होता है। उस कायरदास को पकड़कर मारना चाहिए! उसने भारत को बेइज्जत किया है।"
मुकेश खन्ना यहीं नहीं रुके, उन्होंने आगे तीखे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा, "मैंने उस समय रैना को नहीं बल्कि इस वीर दास को कहा था और आज फिर कह रहा हूं- ऐसे लोगों को गधे पर बिठाकर, मुंह काला करके पूरे देश में घुमाना चाहिए।”
मुकेश खन्ना ने आगे कहा, “आप जिस मुल्क का खाते-पीते हो, जिसने आपको इतना प्यार और मान-सम्मान दिया, उसी देश के बारे में बाहर जाकर ऐसी बातें बोलते हो? कैनेडी हॉल में खड़े होकर कहते हो कि यहां आकर बहुत अच्छा लग रहा है, इतनी अच्छी भीड़ है... और फिर अपने ही देश को नीचा दिखाते हो? यह सरासर गलत है।"
मुकेश खन्ना का मानना है कि देश की आंतरिक समस्याओं या कमियों पर चर्चा अपने देश के भीतर होनी चाहिए, न कि विदेशी मंचों पर जाकर देश की छवि को नीचा दिखाया जाए। उनका कहना है कि जो कलाकार विदेश में जाकर अपने ही देश का मजाक बनाते हैं, उनके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने चाहिए ताकि भविष्य में कोई भी भारत की अस्मिता के साथ खिलवाड़ न कर सके।
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ था जब वीर दास ने अमेरिका के वाशिंगटन डीसी स्थित जॉन एफ. कैनेडी सेंटर फॉर द परफॉर्मिंग आर्ट्स में छह मिनट का एक स्टैंड-अप एक्ट दिया था। 'आई कम फ्रॉम टू इंडियाज' शीर्षक वाले इस वीडियो में उन्होंने भारत के दो पहलुओं को उजागर करने की कोशिश की थी। उन्होंने कहा था कि एक भारत वो है जहां दिन में महिलाओं की पूजा होती है और दूसरा वो जहां रात में उनके साथ अपराध होते हैं।
वीर दास के इस बयान के बाद देश में एक बड़ा विवाद खड़ा हुआ था। लोग 2 पक्षों में बंट गए थे। जहां एक वर्ग ने इसे देश को बदनाम करने वाला कृत्य माना था, वहीं दूसरे वर्ग ने इसे अभिव्यक्ति की आजादी और कड़वा सच करार दिया था।
Updated on:
23 Aug 2026 01:20 pm
Published on:
23 Aug 2026 01:17 pm
