9 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

नेशनल अवॉर्ड विवाद: शाहरुख खान के पक्ष में बोले मुकेश खन्ना, सवाल खड़े करने वालों को बताया बेतुका

नेशनल अवॉर्ड विवाद: शाहरुख खान के नेशनल अवॉर्ड मिलने पर मुकेश खन्ना ने चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने क्या कुछ कहा, आइए जानते हैं।

2 min read
Google source verification

मुंबई

image

Saurabh Mall

Aug 05, 2025

Shahrukh Khan National Award Controversy mukesh khanna

शाहरुख खान राष्ट्रीय पुरस्कार विवाद बोले मुकेश खन्ना (फोटो सोर्स: एक्टर्स इंस्टाग्राम)

नेशनल अवॉर्ड विवाद: शक्तिमान फेम मुकेश खन्ना ने हाल ही में शाहरुख खान को फिल्म 'जवान' के लिए मिले राष्ट्रीय पुरस्कार पर उठे विवादों पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने साफ कहा कि शाहरुख खान को अवॉर्ड मिलने पर सवाल उठाना गलत है, क्योंकि वह पिछले 40 सालों से लगातार मेहनत कर रहे हैं और उनकी प्रतिभा पर कोई शक नहीं किया जा सकता।

बता दें इससे पहले साउथ एक्ट्रेस उर्वशी ने शाहरुख को मिले नेशनल अवॉर्ड पर सवाल उठाए थे और जूरी के फैसले की निष्पक्षता पर संदेह जताया था।

मुकेश खन्ना ने कही ये बात

मुकेश खन्ना ने इस बारे में अपनी राय रखते हुए एक समाचार एजेंसी (IANS) से कहा कि यह पुरस्कार किसी अभिनेता के पूरे करियर को सम्मानित करने के रूप में दिया जाता है, और शाहरुख खान को 40 साल के अपने फिल्मी सफर के बाद यह सम्मान मिलना पूरी तरह से उचित है।

उन्होंने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "जो लोग कह रहे हैं कि शाहरुख खान को इस फिल्म के लिए नहीं, बल्कि 'स्वदेश' के लिए पुरस्कार मिलना चाहिए था। उन्हें यह समझना चाहिए कि किसी भी बड़े कलाकार के पूरे करियर को एक पुरस्कार से सम्मानित किया जाता है।"

उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, "जैसे ए.आर. रहमान को 'जय हो' के लिए ऑस्कर मिला, तो क्या किसी ने यह सवाल किया कि उन्हें पहले के शानदार संगीत के लिए क्यों नहीं यह सम्मान मिला?"

उनका कहना है कि पुरस्कारों का मूल्यांकन हमेशा एक कलाकार के पूरे योगदान और उसकी कड़ी मेहनत को देखते हुए किया जाता है, न कि किसी एक फिल्म के आधार पर।

मुकेश खन्ना ने कहा, "शाहरुख खान को यह पुरस्कार मिलने के बाद कुछ लोग इस पर सवाल उठा रहे हैं, लेकिन यह किसी की सफलता पर सवाल उठाने का नहीं, बल्कि उनके संघर्ष और कड़ी मेहनत का सम्मान करने का अवसर है।"