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Operation Sindoor: ‘औकात में रहो पाकिस्तान’, मनोज मुंतशिर ने कहा…आटा मांगने के लिए लाइन लगाते हैं, लेकिन चाहिए कश्मीर

Operation Sindoor: ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद गीतकार-लेखक मनोज मुंतशिर ने कहा- पाकिस्तान ने पूरे इतिहास में हमसे कुल चार युद्ध लड़े और चारों हमसे हार गए।

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मुंबई

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Saurabh Mall

May 07, 2025

Operation Sindoor: Manoj Muntashir

Operation Sindoor: Manoj Muntashir

Operation Sindoor: देश के ज्वलंत मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखने वाले गीतकार और लेखक मनोज मुंतशिर ने पाकिस्तान पर तीखा हमला बोला। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में भारतीय सेना की कार्रवाई को सलाम करते हुए उन्होंने सोशल मीडिया पर एक क्लिप शेयर करते हुए कहा कि अब तक भारत और पाकिस्तान के बीच चार युद्ध हो चुके हैं और हर बार पाकिस्तान को हार का सामना करना पड़ा है।

औकात में रहो पाकिस्तान

वीडियो क्लिप शेयर करते हुए मनोज मुंतशिर ने लिखा, “औकात में रहो।”
वहीं, वीडियो में वह कहते नजर आए, “मैं एक बात सोचता हूं कि पाकिस्तान ने पूरे इतिहास में हमसे कुल चार युद्ध लड़े और चारों हमसे हार गए। तो वो जो मेडल लटकाए चलते हैं, वो क्या कैंडी क्रश गेम खेलकर जीते हैं? आटा मांगने के लिए लाइन लगाते हैं, लेकिन चाहिए उन्हें कश्मीर।”

पड़ोसी मुल्क पर तंज कसते हुए मुंतशिर ने उन्हें सलाह भी दे दी। उन्होंने आगे कहा, “मैं उन्हें एक मशवरा दे देता हूं कि इस दुनिया में रहने के लिए एक से बढ़कर एक जगह हैं, लेकिन अच्छा ये है कि औकात में रहो।”

इससे पहले मनोज मुंतशिर ने 'ऑपरेशन सिंदूर' की तस्वीर शेयर करते हुए भारतीय सेना के शौर्य को सलाम किया। उन्होंने तस्वीर के साथ कैप्शन में लिखा, “जय हिंद, जय हिंद की सेना।”

मुंतशिर ने पहलगाम घटना को न भूलने की लोगों से की थी अपील

मनोज मुंतशिर ने 25 अप्रैल को पहलगाम हमले को लेकर एक भावुक पोस्ट साझा की थी। तब उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो जारी करते हुए देशवासियों से अपील की थी कि वे इस दर्दनाक घटना को कभी न भूलें।

देशवासियों से अपील करते हुए मनोज मुंतशिर ने लिखा था, “देशवासी जैसे मुर्शिदाबाद, दिल्ली, कोलकाता भूल गए… वैसे ही पहलगाम भी भूल जाएंगे।”

मुंतशिर ने पहलगाम हमले में अपने पति शुभम को खोने वाली एशान्या के साथ ही हमले में जान गंवाने वाले पुणे के संतोष, पिता को खोने वाले 12 वर्षीय तनुज, हमले में जान गंवाने वाले कर्नाटक के मंजूनाथ और बेंगलुरु के भारत भूषण का जिक्र किया और जघन्य आतंकवादी कृत्य पर मरने के लिए तैयार होने की चेतावनी देते हुए कहा था, "अगर हर बार की तरह इस बार भी भूल गए तो घी के कनस्तर, गेंदे और गुलाब के फूल, आम की लकड़ियां, ये सब संभाल के रखना। तुम्हारे अपनों की चिताओं को इनकी जरूरत पड़ती रहेगी, भूलना मत।"